ट्रंप की नई आर्थिक नीति से हड़कंप: चीन से पाकिस्तान तक फैले ईरानी नेटवर्क पर अमेरिका का ताला
ट्रंप सरकार ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन नेटवर्क पर बड़ा प्रहार करते हुए 6 देशों में फैले 10 लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। जानिए अमेरिकी वित्त मंत्रालय के ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ का पूरा सच।
Washington: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनातनी ने अब एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रास्ते बंद होने के बाद अब सीधे आर्थिक और सामरिक मोर्चे पर जंग तेज हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त निर्देशों के बाद अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने एक बड़ा एक्शन लेते हुए ईरान के रक्षा मंत्रालय से जुड़े 10 व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रतिबंधित सूची में डाल दिया है। अमेरिका का दावा है कि ये सभी आरोपी ईरान के सशस्त्र बलों और रक्षा रसद विभाग के लिए अवैध रूप से आधुनिक हथियार और संवेदनशील पुर्जे खरीद रहे थे।
6 देशों में फैली सप्लायर चेन पर वार
अमेरिका ने यह पूरी कार्रवाई अपने विशेष अभियान ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत की है। जांच में सामने आया है कि ईरान का यह सीक्रेट खरीद नेटवर्क सिर्फ अपने देश तक सीमित नहीं था, बल्कि चीन, हांगकांग, पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्की और बीजिंग स्थित ईरानी रक्षा प्रतिनिधियों तक फैला हुआ था।
ये नेटवर्क गुप्त रूप से ईरानी ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों के निर्माण के लिए जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सप्लाई कर रहे थे। अमेरिकी पाबंदी के बाद अब इन सभी की अमेरिकी क्षेत्राधिकार में मौजूद संपत्तियां पूरी तरह फ्रीज कर दी गई हैं। साथ ही, इनके साथ लेनदेन करने वाले विदेशी बैंकों पर भी कड़े प्रतिबंधों की तलवार लटक गई है।
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“ईरान घुटने टेकने पर मजबूर होगा”: ट्रंप का कड़ा रुख
इस बड़ी कार्रवाई के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान पर अमेरिका का दबाव लगातार बढ़ता रहेगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान की आर्थिक और सैन्य स्थिति इस समय बेहद नाजुक दौर में है और उसे अमेरिका की शर्तें माननी ही पड़ेंगी। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते अमेरिका ने हाल के दिनों में रिकॉर्ड मात्रा में तेल निकाला है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर अमेरिकी पकड़ और मजबूत हुई है।
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अमेरिकी मानवरहित पनडुब्बी पर जमाया कब्जा
अमेरिका के इस आर्थिक और व्यापारिक वार के बीच ईरान ने भी रणनीतिक मोर्चे पर कड़ा जवाब देने का दावा किया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सेना की बेहद उन्नत मानवरहित पनडुब्बी ‘रेमस 600’ (Remus 600) को अपने कब्जे में ले लिया है।
ईरान के अनुसार, यह कार्रवाई उनकी खुफिया निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर तकनीक के जरिए अंजाम दी गई। इस घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव का खतरा और ज्यादा गहरा गया है।