इंदौर: केयरटेकर की आड़ में चोरी का खेल, मौका मिलते ही घरों से उड़ाए जेवर और नकदी, पुलिस ने शातिर महिला को किया गिरफ्तार

इंदौर में केयरटेकर के रूप में घरों में घुसकर चोरी करने वाली एक शातिर महिला को जूनी इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस महिला ने बुजुर्गों और बच्चों की देखभाल का झांसा देकर लोगों का भरोसा जीता और फिर मौका पाकर लाखों रुपये के जेवर और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पुलिस ने

Aug 3, 2026 - 17:30
इंदौर: केयरटेकर की आड़ में चोरी का खेल, मौका मिलते ही घरों से उड़ाए जेवर और नकदी, पुलिस ने शातिर महिला को किया गिरफ्तार

इंदौर में केयरटेकर के रूप में घरों में घुसकर चोरी करने वाली एक शातिर महिला को जूनी इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस महिला ने बुजुर्गों और बच्चों की देखभाल का झांसा देकर लोगों का भरोसा जीता और फिर मौका पाकर लाखों रुपये के जेवर और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पुलिस ने आरोपी महिला से गहन पूछताछ की है, जिसमें उसने शहर में की गई कई चोरी की वारदातों को स्वीकार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी किया गया अधिकतर माल भी बरामद कर लिया है, जिससे इस मामले में बड़ी सफलता मिली है। यह मामला शहर में केयरटेकर के रूप में काम करने वाले लोगों की पृष्ठभूमि की जांच और उनकी विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

जूनी इंदौर थाना पुलिस के अनुसार, उन्हें लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि घरों में काम करने वाली केयरटेकर अचानक गायब हो जाती हैं और उनके साथ ही कीमती जेवर और नकदी भी गायब हो जाती है। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया और जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने एक महिला को हिरासत में लिया, जिसकी पहचान छत्तीसगढ़ की मूल निवासी के रूप में हुई है। यह महिला कुछ समय पहले ही इंदौर आकर रहने लगी थी और शहर के अलग-अलग इलाकों में केयरटेकर के रूप में काम कर रही थी।

केयरटेकर बनकर करती घरों में जेवर और नकदी की चोरी

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरफ्तार महिला पिछले लगभग डेढ़ से दो सालों से इंदौर में रह रही थी। वह अपनी पहचान और पते के बारे में झूठी जानकारी देकर या अधूरी जानकारी देकर लोगों के घरों में केयरटेकर का काम ढूंढती थी। एक बार जब उसे किसी घर में काम मिल जाता था, तो वह धीरे-धीरे घर के सदस्यों का विश्वास जीत लेती थी। वह बुजुर्गों और बच्चों की सेवा का नाटक करती थी, ताकि कोई उस पर शक न कर सके। जब उसे घर के माहौल, कीमती सामानों के ठिकाने और सदस्यों की दिनचर्या के बारे में पूरी जानकारी मिल जाती थी, तो वह सही मौके का इंतजार करती थी। जैसे ही घर के मालिक या अन्य सदस्य किसी काम से बाहर जाते या किसी कारणवश घर पर ध्यान नहीं दे पाते, वह अपने मंसूबों को अंजाम दे देती थी। वह सोने-चांदी के जेवर और नकदी चुराकर फरार हो जाती थी।

आरोपी महिला ने कबूल किया ​गुनाह, करीब 80 प्रतिशत माल बरामद

पुलिस की सख्ती से पूछताछ के बाद, आरोपी महिला ने आखिरकार अपने गुनाह कबूल कर लिए। उसने विस्तार से बताया कि किस तरह वह लोगों का विश्वास जीतती थी और फिर मौका पाकर उनके घरों से कीमती सामान चुरा लेती थी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर चोरी का माल बरामद करने के लिए कई जगहों पर छापे मारे। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जूनी इंदौर थाना क्षेत्र से संबंधित लगभग 10 से 12 लाख रुपये की चोरी के मामले में पुलिस ने करीब 80 प्रतिशत माल बरामद कर लिया है। बरामद किए गए सामान में सोने-चांदी के जेवर और नकदी शामिल है, जो विभिन्न घरों से चुराए गए थे। यह पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि इस तरह के मामलों में अक्सर चोरी का पूरा माल बरामद कर पाना मुश्किल होता है।

फिलहाल, जूनी इंदौर पुलिस गिरफ्तार महिला से शहर के अन्य थाना क्षेत्रों में हुई ऐसी ही वारदातों के बारे में भी गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस को आशंका है कि उसने इंदौर में कई अन्य घरों को भी अपना निशाना बनाया होगा, जिनके बारे में अभी तक शिकायत दर्ज नहीं हुई है या जिनकी जानकारी पुलिस तक नहीं पहुंची है। इस मामले में पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों और चोरी के माल को ठिकाने लगाने वाले लोगों की तलाश में भी जुटी है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि महिला से पूछताछ के आधार पर और भी चोरियों का खुलासा होने की उम्मीद है, जिसके बाद संबंधित मामलों में भी कार्रवाई की जाएगी और चोरी के अन्य सामान की बरामदगी के प्रयास किए जाएंगे। यह गिरफ्तारी केयरटेकर के नाम पर होने वाली चोरियों के नेटवर्क को तोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।