वंदे मातरम विवाद पर इंदौर में बीजेपी का कैंडल मार्च, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले – ‘कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए’

दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब इंदौर तक पहुंच गया है। इसी मुद्दे को लेकर रविवार को बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इंदौर में कैंडल मार्च निकाला। गांधी हॉल से महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचे कार्यकर्ताओं ने हाथों में

Aug 16, 2026 - 23:30
वंदे मातरम विवाद पर इंदौर में बीजेपी का कैंडल मार्च, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले – ‘कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए’

दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब इंदौर तक पहुंच गया है। इसी मुद्दे को लेकर रविवार को बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इंदौर में कैंडल मार्च निकाला। गांधी हॉल से महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचे कार्यकर्ताओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर वंदे मातरम और देशभक्ति के नारे लगाए। मार्च में प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हुए।

दिल्ली में 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान वंदे मातरम के गायन को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की ओर से गायन के दौरान आपत्ति या व्यवधान पैदा किया गया। वहीं कांग्रेस की ओर से कहा गया कि वंदे मातरम का गायन किसी ने नहीं रोका और कार्यक्रम में पूरा गीत गाया गया।

कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर साधा निशाना

दिल्ली के घटनाक्रम के बाद इंदौर में बीजेपी ने विरोध दर्ज कराने के लिए कैंडल मार्च का आयोजन किया। गांधी हॉल से शुरू हुआ मार्च महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचा। इसमें बीजेपी विधायक उषा ठाकुर, प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने रास्ते में वंदे मातरम और देशभक्ति से जुड़े नारे लगाए। वहीं कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं है, बल्कि देश की आजादी की लड़ाई से जुड़ी भावना है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन के दौर में वंदे मातरम ने लोगों में जोश पैदा किया था। विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को इस मामले में अपना रुख साफ करना चाहिए और सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में वंदे मातरम का खास स्थान रहा है। बीजेपी का कहना है कि राष्ट्रीय भावना से जुड़े ऐसे प्रतीकों को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं होना चाहिए।

दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में क्या हुआ?

दरअसल विवाद की शुरुआत दिल्ली में कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम से हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी मुख्यालय में ध्वजारोहण किया था। कार्यक्रम में सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इसी कार्यक्रम में वंदे मातरम के गायन के दौरान सोनिया गांधी के कुछ इशारों और बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी ने इसे मुद्दा बना दिया।

बीजेपी नेताओं का आरोप है कि वंदे मातरम के गायन को लेकर आपत्ति जताई गई और इसे रोकने की कोशिश हुई। इसी आरोप के आधार पर बीजेपी की ओर से कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा जा रहा है। मामले को लेकर दिल्ली में शिकायत भी सामने आई है, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।