मोदी कैबिनेट के 3 बड़े फैसले, तीन योजनाओं को मिली मंजूरी, गेंहू समेत 6 रबी फसलों की MSP में बढ़ोत्तरी
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक का (Union Cabinet Meeting) आयोजन किया गया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। केंद्र सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2027- 28 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दे दी है। इस गेहूं, सरसों, चना, मसूर समेत कुल 6 […]
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक का (Union Cabinet Meeting) आयोजन किया गया। इस दौरान कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। केंद्र सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2027- 28 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दे दी है। इस गेहूं, सरसों, चना, मसूर समेत कुल 6 फसलें शामिल हैं। इसके अलावा दो अन्य योजनाओं को भी मंजूरी मिली है।
सबसे ज्यादा बढ़ोत्तरी कुसुम की एमएसपी में की गई है । मूल्य को 6,540 रुपये से बढ़ाकर 7,215 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है। गेहूं में 25 रुपये की वृद्धि की गई है, इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,610 रुपये प्रति क्विंटल होगा। चना में 83 रुपये, मसूर में 390 रुपये और जौ में 136 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की गई है। सरसों और रेपसीड और सरसों में 415 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा हुआ है।
GEC-III को मिली मंजूरी
मंत्रिमंडल में ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर योजना के तीसरे चरण को को भी मंजूरी दी है। जिसका उद्देश्य भारत के इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत करना है। ताकि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 135 गीगावॉट तक की नवीकरणीय ऊर्जा को एक जगह से दूसरी जगह तक ट्रांसफर किया जा सके। इस योजना में ग्रिड फ्लैक्सिबिलिटी के लिए रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपर या जेनरेटर के स्तर पर या किसी अन्य महत्वपूर्ण स्थान पर 50 गीगावॉट की बैटरी एनर्जी सिस्टम लगाने का प्रावधान है। इस योजना को 2032 -33 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कुल लागत 1,86,405 करोड़ रुपये। तीसरे चरण के लिए 1,36,378 करोड़ रुपये और 50 गीगावॉट के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए 50,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए है। जिसमें 54,082 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्त सहायता भी शामिल है।
दिल्ली के लिए ITMS प्रोजेक्ट को मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली पुलिस द्वारा आईटीएमएस प्रोजेक्ट लागू करने की मंजूरी दी है। जिसकी अनुमानित लागत टैक्स सहित एक साथ 1,789.52 करोड़ रुपये है। प्रोजेक्ट 42 चिन्हित ट्रैफिक कॉरिडोर को कवर करेगा और और 2 सालों में तीन चरणों में लागू किया जाएगा। इसके बाद 5 साल तक इसका संचालन और रखरखाव किया जाएगा। इसका उद्देश्य राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी आवास को बेहतर बनाना है। प्रोजेक्ट सड़क नेटवर्क को रियल टाइम ट्रैफिक डेटा, एडेप्टेड ट्रैफिक सिग्नल, ऑटोमेटिक एनफोर्समेंट और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम के जरिए ज्यादा स्मार्ट तरीके से मैनेज करने में मदद करेगा।
Cabinet Briefing by Union Minister @AshwiniVaishnaw https://t.co/YceDwzNYlX
— Ministry of Information and Broadcasting (@MIB_India) September 30, 2026