हाईजैकिंग नहीं बल्कि पायलटों की आपसी कहासुनी? जानिए क्यों अचानक भेजना पड़ा Flydubai को इमरजेंसी कोड
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में इमरजेंसी कोड ‘7500’ मिलने के बाद इजरायल में हड़कंप मच गया। आइए जानते हैं हाईजैकिंग होने के मुख्य कारण क्या है।
New Delhi: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट को लेकर अचानक मिले अलर्ट के बाद इजरायली सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया। विमान से भेजे गए एक खास कोड से हाईजैकिंग का शक पैदा हुआ। स्थिति इतनी गंभीर मानी गई कि विमान पर नजर रखने के लिए इजरायली वायु सेना के फाइटर जेट्स को तैनात करना पड़ा। हालांकि, बाद में मिली जानकारी से घटना का कारण कुछ और ही निकला।
शुरुआती इमरजेंसी कोड के बाद कोड 7500
फ्लाइट दुबई से तेल अवीव के लिए सामान्य रूप से जा रही थी, तभी उसने सबसे पहले 7700 इमरजेंसी कोड भेजा। यह कोड उड़ान के दौरान किसी गंभीर आपातकालीन स्थिति का संकेत देता है। इसके कुछ ही देर बाद विमान ने कोड 7500 भेजा। एविएशन में, कोड 7500 का इस्तेमाल हाईजैकिंग या किसी तरह की गैर-कानूनी दखलंदाजी का संकेत देने के लिए किया जाता है। इस खास कोड के दिखने से इजरायली सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया।
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अचानक रास्ता बदलना; विमान की तबुक में लैंडिंग
अलर्ट मिलने के बाद विमान पर कड़ी नजर रखी गई। इसी बीच फ्लाइट सऊदी अरब के ऊपर अपने तय रास्ते से हट गई और तबुक एयरपोर्ट की ओर मुड़ गई। कुछ समय के लिए फ्लाइट-ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म पर विमान की स्थिति स्पष्ट नहीं थी। विमान में लगभग 180 यात्री सवार थे, और खबरों के अनुसार 150 से ज्यादा इजरायली नागरिक थे। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता के कारण इजरायल ने विमान की ओर फाइटर जेट्स भेजे।
प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री की भूमिका
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इजरायली सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। खबरों के अनुसार, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के स्तर पर आपातकालीन बातचीत हुई। अधिकारियों ने विमान की स्थिति और यात्रियों की सुरक्षा के बारे में जानकारी जुटाई।
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हाईजैकिंग नहीं, बल्कि पायलटों के बीच विवाद?
विमान के तबुक में सुरक्षित उतरने के बाद शुरुआती खबरों से पता चला कि असल में इसे हाईजैक नहीं किया गया था। इजरायली सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, पायलटों के बीच कहासुनी हो गई थी और इसी घटना के दौरान कोड भेजे गए थे। हालांकि, विवाद के कारण और किन हालात में ‘7500’ कोड भेजा गया इस बारे में पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। घटना की जांच चल रही है। आखिरकार जांच से उस स्थिति की सच्चाई सामने आ जाएगी जिसे शुरू में कोड की वजह से हाईजैकिंग समझा गया था।