नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, ओरिजनल डॉक्युमेंट्स लेकर स्टूडेंट्स को करता था ब्लैक मेल, कंसल्टेंसी संचालक गिरफ्तार
इंदौर में नौकरी दिलाने के नाम पर स्टूडेंट्स के साथ बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। विजयनगर पुलिस ने ऑर्बिट मॉल स्थित अल्फ़ा कंसल्टेंसी के संचालक मयंक सराफ को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 10वीं और 12वीं की 313 विद्यार्थियों की ओरिजिनल मार्कशीट बरामद की हैं। पुलिस पूछताछ में मालूम
इंदौर में नौकरी दिलाने के नाम पर स्टूडेंट्स के साथ बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। विजयनगर पुलिस ने ऑर्बिट मॉल स्थित अल्फ़ा कंसल्टेंसी के संचालक मयंक सराफ को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 10वीं और 12वीं की 313 विद्यार्थियों की ओरिजिनल मार्कशीट बरामद की हैं। पुलिस पूछताछ में मालूम चला है कि नौकरी का झांसा देकर छात्रों से दस्तावेज जमा कराए जाते थे और बाद में उन्हें लौटाने के बदले हजारों रुपये की मांग की जाती थी। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा और ब्लैकमेल करने वाले एक कंसल्टेंसी संचालक मयंक सराफ को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, पुलिस की लंबे समय से इसपर नजर थी, पुलिस के पास इसके खिलाफ शिकायत मिली थी जिसके तहत आरोपी मयंक सराफ प्लेसमेंट दिलाने के नाम पर ओरिजनल डॉक्युमेंट्स जमा करवा लेता था और जब स्टूडेंट्स वापस मांगते थे उनसे पैसों की मांग करता था।
मार्कशीट लौटाने के बदले मांगता था पैसा
डीसीपी अमर सिंह राठौर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी ऑर्बिट मॉल स्थित अल्फ़ा कंसल्टेंसी के नाम से युवाओं को रोजगार दिलाने का झांसा देता था। पुलिस जांच में सामने आया कि वह छात्रों से 10वीं और 12वीं की ओरिजिनल मार्कशीट जमा कराता था और बाद में उन्हें वापस देने के लिए प्रति मार्कशीट देने के नाम पर रुपये तक की मांग करता था।
पुलिस ने बरामद की 313 ओरिजिनल मार्कशीट
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 313 छात्रों की ओरिजिनल मार्कशीट बरामद की हैं। यह सभी मार्कशीट प्रदेश के विभिन्न जिलों से इंदौर में पढ़ाई करने आए छात्र छात्राओं की है। विजयनगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे पुलिस रिमांड पर लिया उससे मिली जानकरी एक आधार पर जांच जारी है। डीसीपी ने बताया कि बरामद दस्तावेजों और मार्कशीट के आधार पर अन्य पीड़ित बच्चों की पहचान की जा रही है।