अमेरिका का मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर पंजाब में दबोचा गया, 5 करोड़ का घोटाला; FBI ने रखा था करोड़ों का इनाम
जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने अमेरिका के मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स में शामिल बताए जा रहे मंजीत सिंह बेदी को गिरफ्तार किया है। उस पर अमेरिका की SNAP सरकारी सहायता योजना में करीब 5 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप है। FBI ने उसकी गिरफ्तारी में मदद के लिए 1.5 लाख डॉलर का इनाम घोषित किया था। अब उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
Jalandhar: अमेरिका में सरकारी फूड असिस्टेंस प्रोग्राम में कथित करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कर फरार हुआ आरोपी आखिरकार पंजाब पुलिस के हत्थे चढ़ गया। जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने अमेरिका के मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स में शामिल बताए जा रहे मंजीत सिंह बेदी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने अमेरिका की SNAP यानी Supplemental Nutrition Assistance Program में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की और अमेरिकी सरकार को कम से कम 6 लाख डॉलर यानी करीब 5 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपनी पहचान छिपाकर पंजाब में रह रहा था। खुफिया इनपुट मिलने के बाद जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने सटीक कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। अब उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई के साथ अमेरिका भेजने यानी प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करने के लिए संबंधित एजेंसियों से संपर्क किया जा रहा है।
अमेरिका में कैसे किया कथित फ्रॉड?
मंजीत सिंह बेदी अमेरिका के वाशिंगटन राज्य के टैकोमा में ‘एशियन ग्रोसरी स्टोर’ चलाता था। आरोप है कि उसने सरकारी खाद्य सहायता योजना SNAP के लाभार्थियों को मिलने वाले EBT कार्ड का दुरुपयोग किया। बताया गया कि लाभार्थी जब अपने EBT कार्ड से राशन लेने के लिए उसके स्टोर पर आते थे, तो बेदी कार्ड स्वाइप कर उनके लिए खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के बजाय उन्हें नकद रकम देता था। इसके बदले वह रकम का एक हिस्सा अपने पास रख लेता था।
कोर्ट के आदेश के बाद भी देश से भाग निकला
मामला सामने आने के बाद बेदी को अमेरिकी अदालत में पेश किया गया था। कोर्ट ने उसे अपना पासपोर्ट सरेंडर करने और वाशिंगटन राज्य में ही रहने का आदेश दिया था। हालांकि, आरोप है कि उसने अदालत के आदेश की अनदेखी की और अप्रैल 2026 में कनाडा के रास्ते अमेरिका से निकलकर भारत पहुंच गया। इसके बाद वह पंजाब में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। अमेरिकी एजेंसियां उसकी तलाश कर रही थीं। उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना के लिए FBI की ओर से 1.5 लाख डॉलर यानी करीब 1.25 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा भी की गई थी।
FBI की मोस्ट वांटेड सूची में था नाम
मंजीत सिंह बेदी का मामला इसलिए भी खास है क्योंकि उसे FBI की ‘Most Wanted Fraudsters’ सूची में शामिल बताया गया था। अमेरिका से फरार होने के बाद उसकी तलाश लगातार की जा रही थी। भारत पहुंचने के बाद आरोपी ने पंजाब को अपना ठिकाना बनाया और कथित तौर पर पहचान छिपाकर रह रहा था। जालंधर पुलिस को उसकी मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद ऑपरेशन तैयार किया गया। पुलिस ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
खुफिया इनपुट पर हुई कार्रवाई
पंजाब के पुलिस महानिदेशक के मुताबिक, जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर यह ऑपरेशन अंजाम दिया। पुलिस को जानकारी मिली थी कि अमेरिका में वांटेड आरोपी पंजाब में छिपा हुआ है। इसके बाद उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई और सही समय पर कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया गया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के साथ उसके भारत आने, यहां रहने और उसकी गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां जुटा रही है।
अब शुरू होगी प्रत्यर्पण की प्रक्रिया
मंजीत सिंह बेदी की गिरफ्तारी के बाद अब सबसे बड़ा सवाल उसके अमेरिका प्रत्यर्पण का है। पंजाब पुलिस अमेरिकी एजेंसियों के साथ संपर्क कर रही है। संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे अमेरिका भेजने की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है। फिलहाल पुलिस मामले में जरूरी दस्तावेज और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटी है।