ग्वालियर में बलराम कृषि महोत्सव, किसानों पर CM मोहन यादव ने की पुष्पवर्षा; बोले- खेतों से खातों तक अन्नदाता का ध्यान रख रही सरकार
ग्वालियर। भगवान बलराम की जयंती पर ग्वालियर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों पर पुष्पवर्षा कर उनका सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए अन्नदाता सर्वोपरि है और खेतों से लेकर किसानों के खातों तक उनके कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस दौरान ऑनलाइन […]
ग्वालियर। भगवान बलराम की जयंती पर ग्वालियर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों पर पुष्पवर्षा कर उनका सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए अन्नदाता सर्वोपरि है और खेतों से लेकर किसानों के खातों तक उनके कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस दौरान ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल, कृषक कवच योजना, 200 नव-पंजीकृत पैक्स समितियों के कार्यालय और ग्वालियर में अपेक्स बैंक की संभागीय शाखा का शुभारंभ भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने भगवान बलराम को कृषि और प्रकृति से जोड़ते हुए कहा कि उन्होंने कृषि को प्रकृति से जोड़कर स्वावलंबन का नया अध्याय शुरू किया था। भारतीय संस्कृति में खेती को सर्वोत्तम माना गया है। किसान अपने अथक परिश्रम से देश को समृद्ध बनाता है और सरकार भी पैक्स समितियों सहित अलग-अलग माध्यमों से किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का काम कर रही है।
साल में कभी भी कर्ज की राशि जमा कर सकेंगे किसान
मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए कर्ज चुकाने की मौजूदा व्यवस्था का जिक्र करते हुए बताया कि अब उन्हें छह-छह महीने में खाता पलटने की जरूरत नहीं है। किसान साल में किसी भी समय कर्ज की राशि जमा कर सकते हैं।
उन्होंने किसानों से परंपरागत अनाज की खेती के साथ उद्यानिकी को भी अपनाने की बात कही। ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसान उद्यानिकी फसलों से अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन और बकरी पालन जैसी गतिविधियों से भी किसानों को जोड़ा जा रहा है।
60 लाख से एक करोड़ हेक्टेयर तक सिंचाई पहुंचाने का लक्ष्य
CM मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में अभी 60 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र सिंचित है और अगले ढाई वर्षों में इसे 100 लाख यानी एक करोड़ हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
बिजली उत्पादन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की उत्पादन क्षमता अब 31 हजार मेगावॉट हो गई है। उनके मुताबिक पिछले ढाई साल में इसमें करीब 6 हजार मेगावॉट की बढ़ोतरी हुई है। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली देने के साथ दिन के समय भी बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
पशुपालन से भी किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेती के साथ पशुपालन को भी बढ़ावा दे रही है। दूध उत्पादन को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। गौपालन योजना के तहत पशुपालकों को 40 लाख रुपये के लोन पर 10 लाख रुपये तक अनुदान दिए जाने की बात भी उन्होंने कही।
उन्होंने कृषक कवच योजना का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों के हितों और मुश्किल समय में उनकी मदद के लिए सरकार उनके साथ खड़ी है।
‘बच्चे डॉक्टर-इंजीनियर बनें, लेकिन खेती से रिश्ता न टूटे’
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं को भी खेती से जुड़े रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चे पढ़-लिखकर डॉक्टर और इंजीनियर बनें, लेकिन खेती से अपना रिश्ता बनाए रखें, क्योंकि कृषि हमारी समृद्ध संस्कृति की गौरवशाली विरासत है।
उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप, सरकारी स्कूलों के बच्चों को किताबें, ड्रेस और साइकिल दिए जाने तथा प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों के निर्माण का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसे युवा तैयार करने की दिशा में काम कर रही है जो केवल रोजगार पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें।
‘किसान अपनी जमीन न बेचें’
CM मोहन यादव ने किसानों से अपनी जमीन नहीं बेचने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश खेती के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सिंचाई के विस्तार से प्रदेश की कृषि को और मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के कल्याण के संकल्प का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए सीमा पर खड़ा जवान और खेत में काम करने वाला किसान दोनों बराबर सम्मान रखते हैं।
सिंधिया बोले- अक्षय ऊर्जा किसानों को बनाएगी समृद्ध
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और सहकारिता के जरिए किसानों को लगातार लाभ मिल रहा है। उन्होंने ग्वालियर-चंबल के बांधों और जलाशयों का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे क्षेत्र की खेती समृद्ध हुई है। आने वाले समय में अक्षय ऊर्जा भी किसानों की समृद्धि का बड़ा माध्यम बनेगी।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर में करीब 20 वर्षों से भगवान बलराम जयंती महोत्सव मनाया जा रहा है। अब प्रदेश के सभी जिलों में बलराम जयंती मनाने की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि किसान समृद्ध होगा तो देश भी समृद्ध होगा।
सारंग बोले- किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचाने की कोशिश
सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण का लाभ दिया जा रहा है। सरकार की कोशिश किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने और खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने की है। उन्होंने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के दौरान किसान हित से जुड़े कामों को और आगे बढ़ाया जा रहा है।
अतुल सक्सेना, ग्वालियर