इंदौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

साइबर ठगी के खिलाफ इंदौर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई की है। म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर देशभर में होने वाले संदिग्ध ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़े मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बैंक ऑफ इंडिया में म्यूल अकाउंट खुलवाया था। जिसके जरिए महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, […]

Sep 2, 2026 - 20:30
इंदौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

साइबर ठगी के खिलाफ इंदौर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई की है। म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर देशभर में होने वाले संदिग्ध ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़े मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने बैंक ऑफ इंडिया में म्यूल अकाउंट खुलवाया था। जिसके जरिए महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक और तेलंगाना सहित कई राज्यों में रकम ट्रांसफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “साइबर अपराध विरोधी अभियान” के तहत इंदौर क्राइम ब्रांच को यह सफलता मिली है। अतिरिक्त डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक पुलिस को ऐसे बैंक खातों की जानकारी मिली थी, जिनका इस्तेमाल ट्रांजेक्शन के लिए किया जा रहा था।

इन खातों में अलग-अलग स्थानों से रकम आने के बाद उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस को देशभर में कई बैंक खातों के इस्तेमाल की जानकारी मिली है। इन खातों से जुड़े ट्रांजेक्शन और साइबर फ्रॉड की शिकायतों की जांच की जा रही है।

म्यूल अकाउंट पर 50 से अधिक शिकायतें दर्ज

आरोपी का नाम अभिषेक तिवारी बताया जा रहा है। इस नाम से खुले म्यूल अकाउंट पर 15 राज्यों में 51 साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज की गई हैं। खाते में 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन हुआ है। जिससे पूछताछ कर पुलिस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अतिरिक्त डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है।

इंदौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी 

जांच में जुटी पुलिस

पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि खाते किसके कहने पर खोले गए और इनमें रकम कहां से आई। पुलिस को आशंका है कि रकम को अलग-अलग स्तर पर ट्रांसफर करने के बाद आगे भेजा गया। कुछ रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलने की बात भी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ठगी की रकम विदेश भेजी गई या नहीं। क्राइम ब्रांच इंदौर के साथ जोन की पुलिस टीमें भी इन बैंक खातों और उनसे जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों का खुलासा हो सकता है।

शकील अंसारी की रिपोर्ट