ग्वालियर नगर निगम के संपत्तिकर रिकॉर्ड में हेरफेर, फर्जी रसीद से संपत्ति बेचने पर दो अधिकारियों सहित चार पर FIR

ग्वालियर नगर निगम की संपत्तिकर शाखा के रिकॉर्ड में हेरफेर कर फर्जी संपत्तिकर रसीद के आधार पर प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने के मामले में विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने चार लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। नगर निगम की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने विक्रेता जयनाराय सिंह, खरीदार अशोक सिंह , तत्कालीन एआरआई नरेन्द्र […]

Sep 4, 2026 - 12:30
ग्वालियर नगर निगम के संपत्तिकर रिकॉर्ड में हेरफेर, फर्जी रसीद से संपत्ति बेचने पर दो अधिकारियों सहित चार पर FIR

ग्वालियर नगर निगम की संपत्तिकर शाखा के रिकॉर्ड में हेरफेर कर फर्जी संपत्तिकर रसीद के आधार पर प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने के मामले में विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने चार लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। नगर निगम की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने विक्रेता जयनाराय सिंह, खरीदार  अशोक सिंह , तत्कालीन एआरआई नरेन्द्र कुशवाह और तत्कालीन एपीटीओ महेंद्र शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, पद के दुरुपयोग और आपराधिक षड्यंत्र रचने सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामला नगर निगम के वार्ड क्रमांक 30 के टैगोर नगर में रहने वाले सुरेश बनवानी की संपत्ति से जुड़ा है। उन्होंने इसकी शिकायत की थी, शिकायतकर्ता  के मुताबिक उनकी  मूल संपत्तिकर आईडी 1000255876 है। आरोप है कि उनकी संपत्ति के रिकॉर्ड में दूसरी आईडी 1000107294 तैयार कर गलत दस्तावेजों के आधार पर स्वामित्व दर्ज किया गया। शिकायत के बाद नगर निगम ने मामले की जांच शुरू की।

जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा 

नगर निगम की जांच में सामने आया कि ई-नगर पालिका की लॉग रिपोर्ट के अनुसार 20 मार्च 2025 को शाम 4:17 बजे से 5:41 बजे के बीच संबंधित आईडी में स्वामी का नाम विजय पुत्र राजाराम पाल से बदलकर जयनारायण पुत्र स्वर्गीय उदय सिंह किया गया। इसी दौरान कॉलोनी का नाम भी जागृति नगर-37 से बदलकर 01 टैगोर नगर-30 किया गया। इसके बाद 28 मार्च 2025 को संपत्ति के निर्मित क्षेत्रफल में भी बदलाव किए जाने की बात जांच में सामने आई।

लॉग रिपोर्ट में अधिकारियों की यूजर आईडी का उल्लेख

रिकॉर्ड में किए गए बदलाव की लॉग रिपोर्ट में तत्कालीन एआरआई एवं कर संग्राहक नरेन्द्र कुशवाह की यूजर आईडी तथा तत्कालीन एपीटीओ महेंद्र शर्मा की ईएनपी 1.0 यूजर आईडी का उल्लेख मिला। नगर निगम ने इस मामले में नरेन्द्र कुशवाह को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। उनका जवाब 31 जुलाई 2026 को प्राप्त हुआ, लेकिन निगम ने उसे संतोषजनक नहीं माना। नगर निगम के अनुसार नरेन्द्र कुशवाह को पूर्व में ही निलंबित किया जा चुका है, जबकि तत्कालीन एपीटीओ महेंद्र शर्मा सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

फर्जी संपत्तिकर रसीद के आधार पर सौदा 

जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया। जिस संपत्तिकर रसीद के आधार पर 15 मई 2025 को जयनारायण ने संबंधित संपत्ति को अशोक सिंह पुत्र नन्हे सिंह, निवासी यमुना नगर, ग्वालियर को बेचा वह रसीद नगर निगम कार्यालय से जारी ही नहीं हुई थी, यानि वो संपत्तिकर रसीद फर्जी थी। जांच रिपोर्ट के जुड़े दस्तावेज नगर निगम ने पुलिस को सौंप दिए हैं। इनमें मूल संपत्तिकर रसीद, फर्जी संपत्तिकर रसीद, लेजर, रजिस्ट्री, टीसी एवं आर आई की रिपोर्ट तथा ई-नगर पालिका की प्रमाणित लॉग फाइल शामिल हैं।

नगर निगम की जांच के बाद पुलिस कार्रवाई

नगर निगम के कार्यालय अधीक्षक (संपत्तिकर) ने कमिश्नर के निर्देश पर विश्वविद्यालय थाने में आवेदन दिया जिसके आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस रिकॉर्ड में किए गए बदलाव, कथित फर्जी रसीद और संपत्ति के विक्रय से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।