Iran-US Tensions: ब्रिटेन पर आतंकी साया! ‘डूम्सडे वॉर’ की चेतावनी, ट्रंप ने क्यों खारिज किया ईरान का सीजफायर?
ईरान-अमेरिका तनाव फिर बढ़ गया है। ईरान ने हमले का जवाब देने की चेतावनी दी, जबकि ट्रंप ने 7 दिन के सीजफायर प्रस्ताव को खारिज कर दिया। होरमुज जलडमरूमध्य पर दुनिया की नजर।
नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश किसी भी नए हमले का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि हालात बेहद गंभीर हुए तो ईरान किसी भी स्थिति का सामना करने को तैयार है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से दिए गए सात दिन के संघर्षविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इस प्रस्ताव में ईरान ने होरमुज जलडमरूमध्य खोलने और इसके बाद अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत शुरू करने की पेशकश की थी।
‘किसी भी हमले का जवाब देने को तैयार ईरान’
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी मीडिया कार्यक्रम ‘मीट द प्रेस’ में कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर परिस्थिति का सामना करेगा।
अराघची ने कहा कि ईरान अमेरिकी मध्यावधि चुनावों को ध्यान में रखकर कोई फैसला नहीं लेता, बल्कि उसका फोकस अपने राष्ट्रीय हितों पर है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान बातचीत और कूटनीति के रास्ते को बंद नहीं करना चाहता।
ईरान का 7 दिन का सीजफायर प्रस्ताव क्या था?
ईरान ने अमेरिका के सामने सात दिन की योजना रखी थी। इसके तहत कुछ शर्तें पूरी होने के बाद होरमुज जलडमरूमध्य खोलने और फिर परमाणु कार्यक्रम को लेकर व्यापक बातचीत शुरू करने की बात कही गई थी।
ईरान के मुताबिक यह प्रस्ताव पहले हुए अस्थायी संघर्षविराम समझौते के ज्ञापन (MoU) से जुड़ा हुआ था। तेहरान ने संकेत दिया था कि बातचीत के जरिए समाधान तलाशा जा सकता है।
ट्रंप ने क्यों ठुकराया प्रस्ताव?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ईरान की मांगों को लेकर कई चिंताएं हैं।
अमेरिका के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि माइक वॉल्ट्ज ने दावा किया कि ईरान के प्रस्ताव में जमी हुई संपत्तियों तक पहुंच और प्रतिबंधों में राहत जैसी मांगें शामिल थीं।
अमेरिका का कहना है कि उसका मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े संभावित खतरे को रोकना है।
होरमुज जलडमरूमध्य क्यों है अहम?
होरमुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। खाड़ी क्षेत्र में किसी भी बड़े सैन्य या कूटनीतिक संकट का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और व्यापार पर पड़ सकता है।
इसी वजह से ईरान और अमेरिका के बीच इस समुद्री मार्ग को लेकर जारी तनाव पर दुनियाभर की नजर बनी हुई है।
ब्रिटेन में एयरबेस के पास गिरफ्तारी से बढ़ी चिंता
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ब्रिटेन में भी सुरक्षा को लेकर घटनाक्रम सामने आया है। आरएएफ फेयरफर्ड एयरबेस के पास आतंकी हमले की तैयारी के शक में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
इसके बाद अमेरिका ने ब्रिटेन में मौजूद अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।