खाद बिक्री पर रोक को लेकर जीतू पटवारी का सरकार पर हमला, बोले- आदेश वापस नहीं लिया तो होगा आंदोलन

मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों किसानों की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ जहां खाद को लेकर किल्लत मची हुई है तो वहीं दूसरी ओर सरकार ने आगामी आदेश तक प्रदेश में खाद की बिक्री पर रोक लगा दी है। सरकार के इस फैसले ने राज्य की राजनीति में नया बवाल खड़ा कर दिया

Aug 15, 2026 - 22:30
खाद बिक्री पर रोक को लेकर जीतू पटवारी का सरकार पर हमला, बोले- आदेश वापस नहीं लिया तो होगा आंदोलन

मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों किसानों की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ जहां खाद को लेकर किल्लत मची हुई है तो वहीं दूसरी ओर सरकार ने आगामी आदेश तक प्रदेश में खाद की बिक्री पर रोक लगा दी है। सरकार के इस फैसले ने राज्य की राजनीति में नया बवाल खड़ा कर दिया है। विपक्ष ने सीधे सरकार पर हमला बोला है। अब इस मामले में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी का बयान भी सामने आ गया है।

जीतू पटवारी ने सरकार पर बोला हमला

जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर किया है जिसमें उन्होंने कहा कि राज्य के किसान पहले ही खाद की भारी कमी और लंबी लाइनों से जूझ रहे हैं। बावजूद इसके सीएम डॉ. मोहन यादव की सरकार ने “स्टॉक मैचिंग” के नाम पर पूरे राज्य में खाद की बिक्री पर रोक लगा दी है।

जीतू पटवारी ने सरकार के सामने रखीं दो मांगें

जीतू पटवारी ने आगे कहा, राज्य में सत्ता में बैठे भाजपा नेताओं, सरकारी समितियों, एमपी एग्रो और निजी रिटेलर्स के स्तर पर खाद की बिक्री पूरी तरह बंद हो गई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि किसान यह जानना चाहते हैं कि क्या अपनी नाकामी और खाद की कालाबाजारी को छिपाने के लिए यह तुगलकी फरमान जारी किया गया है?

पीसीसी चीफ ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव के फैसले के खिलाफ दो मांगें रखी हैं। पहली मांग तो यह है कि किसान-विरोधी आदेश को तुरंत वापस लें और खाद की बिक्री को फिर से शुरू किया जाए। वहीं दूसरी मांग है कि यह तय किया जाए कि किसानों को बिना किसी परेशानी और रुकावट के तत्काल ही खाद उपलब्ध कराई जाए।

जीतू पटवारी ने सरकार को दी चेतावनी

इसके साथ ही जीतू पटवारी ने सरकार को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार ने यह रोक तत्काल नहीं हटाई तो कांग्रेस पार्टी किसानों के हक के लिए उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को किसानों के बीच ले जाएगी और भाजपा के असली चेहरे को बेनकाब करेगी।

गौरतलब है कि किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की ओर से 14 अगस्त 2026 को एक आदेश जारी किया गया है। जिसमें खाद की बिक्री पर रोक लगाने की वजह भी बताई गई है। आदेश में कहा गया है कि किसानों को सुगमता से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार के FMS पोर्टल और प्रदेश के उर्वरक विक्रेताओं के वास्तविक स्टॉक का मिलान किया जाना है। इस कारण से प्रदेश में उर्वरकों की बिक्री आगामी आदेश तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।