हरतालिका तीज पर 24 घंटे खुला रहेगा खजराना गणेश मंदिर, ध्वजा पूजन के साथ गणेशोत्सव की होगी शुरुआत
इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में गणेशोत्सव की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। वहीं मंदिर परिसर में सजावट, लाइटिंग, प्रसाद, भोग, सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था पर काम चल रहा है। हरतालिका तीज के मौके पर 13 सितंबर को मंदिर पूरी रात श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट के मुताबिक […]
इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में गणेशोत्सव की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। वहीं मंदिर परिसर में सजावट, लाइटिंग, प्रसाद, भोग, सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था पर काम चल रहा है। हरतालिका तीज के मौके पर 13 सितंबर को मंदिर पूरी रात श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट के मुताबिक श्रद्धालु 24 घंटे भगवान गणेश के दर्शन कर सकेंगे।
दरअसल 14 सितंबर को सुबह 10 बजे ध्वजा पूजन के साथ गणेशोत्सव का शुभारंभ होगा। वहीं कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शिवम वर्मा और निगम कमिश्नर एवं मंदिर के प्रशासक क्षितिज सिंघल ध्वजा पूजन करेंगे। गणेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने को देखते हुए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
खजराना गणेश मंदिर में सवा लाख मोदकों का महाभोग
बता दें कि गणेशोत्सव के पहले दिन भगवान गणेश को सवा लाख मोदकों का महाभोग लगाया जाएगा। मंदिर की परंपरा के अनुसार हर साल यह विशेष भोग अर्पित किया जाता है और इस बार भी उसी परंपरा का पालन किया जाएगा। इसके साथ ही 10 दिनों तक रोज शाम की आरती के समय 11 हजार अलग-अलग प्रकार के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। इन लड्डुओं में सोंठ, ड्रायफ्रूट और उड़द समेत अलग-अलग सामग्री से बने प्रसाद शामिल होंगे। आरती के बाद यही प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। श्री सिद्धि विनायक भक्त मंडल के अरविंद बागड़ी और कैलाश पंच ने बताया कि मोदक बनाने का काम करीब छह दिनों में पूरा होगा। इसके लिए हलवाई खेमजीभाई और उनके 30 सहयोगी 10 सुपरभट्टियों पर लगातार मोदक तैयार करेंगे। गणेशोत्सव के दौरान मूंग, उड़द, चावल, चंवला, चना, ज्वार, बाजरा, गेहूं, सूखे मेवे और पंचमेवा से बने अलग-अलग लड्डुओं का भोग भी रोजाना लगाया जाएगा।
6 करोड़ के स्वर्ण आभूषणों से होगा श्रृंगार
वहीं गणेशोत्सव के दौरान भगवान गणेश का रोजाना विशेष श्रृंगार किया जाएगा। भगवान को 6 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत के स्वर्ण आभूषण पहनाए जाएंगे। इन आभूषणों को सुरक्षा व्यवस्था के साथ मंदिर में लाया जाएगा और पूरे 10 दिनों तक भगवान के अलग-अलग स्वरूपों में श्रृंगार किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर के गर्भगृह के मुख्य गेट को पहले ही चौड़ा किया जा चुका है। मंदिर के सामने बने सभामंडप को भी डेढ़ फीट नीचे किया गया है, ताकि दर्शन में आसानी हो सके। भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए जिक-जैक रेलिंग भी बढ़ाई जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पूरे मंदिर परिसर में 80 से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी की जाएगी। चार थानों का पुलिस बल तैनात रहेगा। मंदिर प्रबंधन समिति के 30 सुरक्षा गार्ड पहले से मौजूद रहते हैं जबकि गणेशोत्सव के दौरान उनकी संख्या बढ़ाकर 100 कर दी जाएगी।