जनता को LPG संकट से मिलेगी राहत, शिवालिक के बाद आज नंदा देवी पहुंचेगा भारतीय बंदरगाह
भारत में चल रहा एलपीजी संकट धीरे-धीरे सामान्य होता नजर आ रहा है। दरअसल ईरान सरकार की अनुमति के बाद हार्मोन जल डमरू मध्य से गुजर कर एलपीजी से लदा हुआ भारतीय जहाज शिवालिक सोमवार शाम मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच गया है। देश में एलपीजी की जो कमी चल रही है उसे देखते हुए गुजरात
भारत में चल रहा एलपीजी संकट धीरे-धीरे सामान्य होता नजर आ रहा है। दरअसल ईरान सरकार की अनुमति के बाद हार्मोन जल डमरू मध्य से गुजर कर एलपीजी से लदा हुआ भारतीय जहाज शिवालिक सोमवार शाम मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच गया है। देश में एलपीजी की जो कमी चल रही है उसे देखते हुए गुजरात के बंदरगाह पर इसके आगमन और उससे जुड़ी सभी कागजी कार्रवाई समय रहते पूरी कर ली गई थी। ऐसा इसलिए किया गया ताकि एलपीजी जल्द से जल्द तेल रिफाइनरी डिपो पहुंच सके।
शिवालिक एलपीजी का जखीरा लेकर भारत पहुंच चुका है और अब नंदा देवी भी मंगलवार को भारतीय बंदरगाह पहुंचेगा। इसके अलावा 81000 टन कच्चा तेल लेकर जग लाडली भी मंगलवार को भारत पहुंचेगा। इस बारे में बंदरगाह, जहाजरानी एवं जल मार्ग मंत्रालय की तरफ से एक प्रेस कांफ्रेंस के जरिए जानकारी दी गई है।
चिंता में पेट्रोलियम मंत्रालय
स्पेस कांफ्रेंस के दौरान पेट्रोलियम प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में एलपीजी की आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है लेकिन सीएनजी, पीएनजी या पेट्रोल डीजल की कोई कमी नहीं है। देश के किसी भी हिस्से में कमी होने की कोई सूचना नहीं है। वहीं सरकारी तेल कंपनियों में एलपीजी उत्पादन में 36 फीसदी की वृद्धि हुई है।
कमर्शियल इस्तेमाल के एलपीजी की स्थिति अस्थिर बनी हुई है। राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वह इसे अपने स्तर पर संभालने की कोशिश करें। कुछ राज्यों ने यह करना शुरू भी कर दिया है और जरूरत के हिसाब से होटलों को और उद्योगों को कमर्शियल एलपीजी आवंटित की जा रही है।
होर्मुज में फंसे हैं भारतीय जहाज
जलडमरूमध्य से निकलकर ये दोनों जहाज तो भारत आ चुके हैं लेकिन अभी भी 22 भारतीय जहाज ऐसे हैं, जो अभी भी होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं। ईरान ने 2 जहाजों को सुरक्षित निकलने दिया है। अब अन्य के लिए वार्ता चल रही है।
भारत सरकार ने ये स्पष्ट कर दिया है कि फंसे हुए भारतीय जहाजों को निकालने के लिए ईरान से कोई समझौता नहीं किया गया है। इस बारे में बातचीत की जा रही है।
एलपीजी की कालाबाजारी पर सरकार सख्त
एलपीजी की कमी के बीच सरकार के लिए सबसे बड़ा टास्क इसकी कालाबाजारी को रोकना है। इसके लिए कुछ कड़े कदम भी उठाए गए हैं। केंद्र सरकार के अधिकारी रोजाना दो बार इस संबंध में मंत्रालयों, तेल कंपनियों के अधिकारियों और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों से बैठक कर रहे हैं। कई राज्यों में सरकारी तेल कंपनियों के अधिकारियों की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर एलपीजी जमा करने वालों पर कार्रवाई की है।