MP कांग्रेस ने की राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की CBI जांच की मांग, सात दिन में कार्रवाई न होने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
मध्यप्रदेश कांग्रेस धर्म एवं मंदिर पुजारी प्रकोष्ठ ने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। प्रकोष्ठ ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया
मध्यप्रदेश कांग्रेस धर्म एवं मंदिर पुजारी प्रकोष्ठ ने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। प्रकोष्ठ ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो संत समाज, धर्माचार्यों और रामभक्तों के साथ देशव्यापी जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्रकोष्ठ ने भोपाल प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय एक पत्रकार वार्ता आयोजित की। यहां पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, धर्म एवं मंदिर पुजारी प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष साध्वी ऋचा गोस्वामी, प्रदेश संयोजक शिवनारायण शर्मा, सहसंयोजक ओंकारदास वैष्णव, कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर भारती सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
कांग्रेस ने की सीबीआई जांच की मांग
कांग्रेस ने राम मंदिर में दान चोरी के मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने कहा कि राम मंदिर परिसर में लगे कैमरों के बंद रहने और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर समय-समय पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने मंदिर निर्माण के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा दान में दी गई सोने-चांदी की राम शिलाओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इनकी स्थिति को लेकर पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थाओं में प्राप्त दान और संसाधनों के उपयोग का पूरा विवरण जनता के सामने आना चाहिए।
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि धर्म और आस्था के नाम पर जनता की भावनाओं का राजनीतिक उपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्टों और धार्मिक संस्थाओं से जुड़े भ्रष्टाचार तथा वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
साध्वी ऋचा गोस्वामी ने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटनाएं करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर विषय हैं। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था और बड़ी संख्या में कैमरे होने के बावजूद ऐसी घटनाओं का सामने आना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में अधिक पारदर्शिता और संत समाज की भागीदारी बढ़ाने की मांग की।
आंदोलन की चेतवनी
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने ट्रस्ट को मिले चंदे, भूमि खरीद प्रकरण, प्रसाद वितरण में कथित अनियमितताओं, कारसेवकों के पुनर्वास, अयोध्या कॉरिडोर से प्रभावित लोगों के मुआवजे और दर्शन व्यवस्था से जुड़े कई सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि चढ़ावे और आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए, नियमित ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए तथा मंदिर प्रबंधन में संत समाज और अखाड़ों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाए। कार्यकारी अध्यक्ष सुधीर भारती ने कहा कि यदि सात दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित ट्रस्ट की होगी।