भारत का एक और कट्टर दुश्मन ढेर: जानिए कौन था लश्कर कमांडर कारी सईद, जिसकी इस्लामाबाद में हुई रहस्यमयी मौत
भारत का एक और कट्टर दुश्मन ढेर! पाकिस्तान के इस्लामाबाद में लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर कारी सईद की संदिग्ध मौत। हाफिज सईद का करीबी कारी सईद भारत में मारे गए आतंकियों के परिवारों को पेंशन बांटता था। जानिए कौन था यह आतंकी और कैसे हुआ इसका अंत।
Islamabad: भारत के खिलाफ सालों से जहर उगलने वाले आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को पाकिस्तान में एक और बड़ा झटका लगा है। लश्कर के सरगना हाफिज सईद का बेहद करीबी और पुराना कमांडर कारी सईद उर्फ अब्दुल अजीज अब इस दुनिया में नहीं रहा।
कारी सईद साल 1990 से हाफिज सईद के साथ जुड़ा हुआ था। शुरुआत में वह भारत में निर्दोष लोगों का खून बहाने के लिए आतंकियों की भर्ती करता था, लेकिन उम्र ढलने के बाद संगठन ने उसे एक ऐसी जिम्मेदारी दी, जो सीधे तौर पर भारत विरोधी साजिशों को आर्थिक हवा देती थी।
आतंकियों के परिवारों का पेंशन मास्टर
कारी सईद लश्कर के ‘शोबा-ए-वारसा-ए-शोहदा’ विभाग का दक्षिण पंजाब में प्रमुख था। इसका मुख्य काम भारत में सुरक्षा बलों के हाथों मारे गए आतंकियों के परिवारों की लिस्ट तैयार करना और उन्हें हर महीने पेंशन व आर्थिक मदद पहुंचाना था। मुल्तान, बहावलपुर और डेरा गाजी खान जैसे इलाकों में यह मरे हुए आतंकियों के परिजनों को पैसे बांटकर नए युवाओं को आतंक के रास्ते पर धकेलने का काम करता था।
इस्लामाबाद की मस्जिद में कैसे हुआ अंत?
कारी सईद की मौत की एक सीसीटीवी फुटेज सामने आई है, जो इस्लामाबाद की मस्जिद ‘कूबा’ की है। फुटेज में दिख रहा है कि कारी सईद बैग टांगकर नमाज पढ़ने पहुंचता है। वह अपने साथी को बैग थमाकर वूजू (हाथ-पैर धोना) करता है। इसके बाद जैसे ही वह मस्जिद के मुख्य हॉल की सीढ़ियां चढ़कर चप्पल उतारने बैठता है, अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ता है।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गई सांसें
वहां मौजूद लश्कर के अन्य सदस्यों ने उसे उठाने की कोशिश की और सांस न चलने पर सीपीआर (CPR) भी दिया, लेकिन उसे होश नहीं आया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भारत के इस कट्टर दुश्मन का इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में अंत होना पाकिस्तान में छिपे अन्य आतंकियों के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है।