मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज भोपाल में करेंगे 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ, आयुष सेवाओं के विस्तार पर जोर
भोपाल में आज 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का राज्य स्तरीय आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान के रजत जयंती ऑडिटोरियम में सुबह 11 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान आयुष क्षेत्र से जुड़ी जनकल्याणकारी पहल की शुरुआत के साथ विभाग के विभिन्न […]
भोपाल में आज 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का राज्य स्तरीय आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान के रजत जयंती ऑडिटोरियम में सुबह 11 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान आयुष क्षेत्र से जुड़ी जनकल्याणकारी पहल की शुरुआत के साथ विभाग के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया जाएगा।
इस वर्ष 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की थीम ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ रखी गई है। देशभर में 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस मनाया जाता है। केंद्र सरकार ने 2025 में इसे 23 सितंबर को मनाने की अधिसूचना जारी की थी। इससे पहले आयुर्वेद दिवस धन्वंतरि जयंती यानी धनतेरस के अवसर पर मनाया जाता था।
मुख्यमंत्री करेंगे राज्यस्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ
सीएम मोहन यादव राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य एवं आयुष क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न विकास पहलों का शुभारंभ करेंगे। भोपाल में होने वाले इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य और आयुष क्षेत्र को आगे बढ़ाने से जुड़ी विभिन्न पहलों को सामने रखा जाएगा। विभागीय विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमि-पूजन के जरिए आयुष से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर रहेगा।
आयुर्वेद प्रदर्शनी में पारंपरिक चिकित्सा की जानकारी
आयुर्वेद को आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से कार्यक्रम स्थल पर विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसमें पारंपरिक चिकित्सा पद्धति, आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर भी इस बार आयुर्वेद दिवस के तहत जागरूकता, आयुर्वेद आहार, स्वस्थ जीवनशैली, औषधीय पौधों के संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता से जुड़े कार्यक्रम किए जा रहे हैं। देशभर में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हजारों गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
औषधीय पौधारोपण से दिया जाएगा स्वास्थ्य और पर्यावरण का संदेश
भोपाल के कार्यक्रम में औषधीय पौधों का पौधारोपण भी किया जाएगा। इसके जरिए आयुर्वेद में उपयोगी वनस्पतियों के संरक्षण के साथ पर्यावरण और स्वास्थ्य के बीच संबंध को लेकर जागरूकता का संदेश दिया जाएगा। देशभर में इस अभियान के तहत औषधीय पौधारोपण, हर्बल गार्डन, आयुर्वेद जागरूकता कार्यक्रम, स्कूल-कॉलेज गतिविधियां और स्वास्थ्य संबंधी जनभागीदारी अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
आयुर्वेद को शोध और आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने पर जोर
11वें आयुर्वेद दिवस के राष्ट्रीय आयोजन में आयुर्वेद को शोध, प्रमाण आधारित चिकित्सा, नवाचार और एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही आयुर्वेद की पहुंच को समुदाय और आमजन तक बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
आज 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य एवं आयुष क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न विकास पहलों का शुभारंभ करूँगा। pic.twitter.com/kZhOFvYdp3
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 23, 2026