Cabinet Decision: यहां विस्तार से पढ़िए मोहन कैबिनेट बैठक के 10 बड़े फैसले, छात्रों और आमजन को मिलेगा लाभ
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार (2 जून 2026) को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में प्रदेश के समग्र विकास और जन-कल्याण की दिशा में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने स्टॉम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क को माफ करने का फैसला किया है, इसके
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार (2 जून 2026) को मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में प्रदेश के समग्र विकास और जन-कल्याण की दिशा में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने स्टॉम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क को माफ करने का फैसला किया है, इसके लिए 3800 करोड़ रुपये का वित्तीय भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा।
इसके साथ ही लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत 17 हजार 59 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई, जिससे नए चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण और MBBS तथा PG सीटों में बढ़ोतरी का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके अलावा स्कूली शिक्षा में पारदर्शिता लाने के लिए सत्र 2026-27 में कक्षा पहली से 8वीं तक के विद्यार्थियों को निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सिली-सिलाई गणवेश प्रदाय करने का निर्णय लिया गया।कैबिनेट के फैसलों की जानकारी MSME मंत्री चेतन्य कश्यप ने दी है।
बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार स्थित भोजशाला परिसर में राज्य सरकार भव्य सरस्वती लोक बनायेगी। धार में राजा भोज संस्थान की स्थापना भी की जायेगी। राजा भोज की कर्मस्थली धार में राजा भोज शोध संस्थान की भी स्थापना की जायेगी। भोजशाला के लिए हुए आंदोलन में शहादत देने वाले तीन शहीदों स्व. बनसिंह, स्व. अंतरसिंह एवं स्व. लक्मण सिंह के निकटतम परिजन को राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी।
यहां विस्तार से पढ़िए मोहन कैबिनेट बैठक के फैसले
स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना 2026 को स्वीकृति
- राज्य सरकार ने 48.32 लाख निजी संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने का फैसला लिया है। इसके लिए कैबिनेट ने स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 की स्वीकृति दी है। इसके तहत प्रदेश में स्वामित्व योजना में जिन भू-खण्डधारियों के अधिकार अभिलेख निर्मित किए गए हैं उन्हें आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के लिए इन निर्मित अधिकार अभिलेखों का पंजीयन कराया जाएगा।
- इसके लिए डीड ऑफ कन्वेयेंस का निष्पादन एवं पंजीयन किया जाएगा। अब तक कुल 68.11 लाख अधिकार अभिलेखों का निर्माण किया गया है। इसमें 48.32 लाख निजी संम्पत्तियां शामिल है।
- अधिकार अभिलेखों के पंजीयन के लिए नागरिकों से स्टॉम्प ड्यूटी अथवा पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा, संपूर्ण व्यय राशि 3800 करोड़ रूपये का वहन राज्य शासन द्वारा किया जाएगा।
- योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने, प्रक्रिया निर्धारण, समय-समय पर समीक्षा के लिए आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जायेगा। इस समिति में महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, आयुक्त कोष एवं लेखा, आयुक्त/संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा प्रबंध संचालक एमपीएसईडीसी, सदस्य होंगे एवं आवश्यकतानुसार विषय विशेषज्ञों को संयोजित किया जा सकेगा।
- योजना के प्रचार-प्रसार, मुद्रण व्यय एवं जन-जागरुकता गतिविधियों के संचालन के लिए राज्य स्तर पर 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए है। योजना का विस्तृत परिपत्र एवं समय-समय पर आवश्यकतानुसार स्पष्टीकरण आदि जारी करने के लिए राजस्व विभाग को अधिकृत किया गया है।
कक्षा 1 से 8वीं तक के छात्रों को मिलेगी सिली हुई ड्रेस
कैबिनेट ने शासकीय शालाओं में कक्षा पहली से 8 वीं तक के विद्यार्थियों को सत्र 2026-27 से निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सिली-सिलाई गणवेश प्रदाय करने का निर्णय लिया है। निविदा प्रक्रिया के लिए मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम को अधिकृत किया गया है। शासकीय शालाओं में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पूर्व 2 जोडी गणवेश प्रदाय किया जाना लक्षित है। इससे समय सीमा में विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त गणवेश प्रदाय सुनिश्चित हो सकेगा।
समान नागरिक संहिता के संबंध में 15 जून तक दिए जा सकेंगे सुझाव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता के संबंध में जिलों में उच्च स्तरीय समीति द्वारा भ्रमण किया जा रहा है, जहां जन सामान्य, राजनीतिक दल, गैर शासकीय संगठन आदि इस संबंध में अपना मत प्रस्तुत करेंगे। सुझाव देने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्री परिषद के सदस्यों को यूसीसी के लिये बनी इस उच्च स्तरीय समिति और इसके कार्यों तथा वेबसाईट का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। ।
13 लाख 42 हजार किसानों द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं का विक्रय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 104.36 लाख मेट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हुआ। गेहूँ के समर्थन मूल्य राशि 2585 रुपए प्रति क्विंटल के अतिरिक्त 40 रुपए प्रति क्विंटल की दर से राज्य सरकार द्वारा बोनस दिया गया। कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया गया, जिससे राज्य के किसानों को समर्थन मूल्य की राशि के अतिरिक्त राशि 417 करोड़ रुपए प्राप्त होगी। कोविड-19 को छोड़कर प्रदेश में विगत 10 वर्षों में इस वर्ष सर्वाधिक 104.36 लाख मीट्रिक टन गेंहूँ का उपार्जन किया गया है। समर्थन मूल्य पर 13 लाख 42 हजार किसानों द्वारा गेहूं का विक्रय किया गया। मध्यप्रदेश, पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। किसानों को 25,096.99 करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है और शेष भुगतान प्रचलित है।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत 17 हजार 59 करोड़ की स्वीकृति
- कैबिनेट ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लगभग 17 हजार 59 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। चिकित्सा महाविद्यालय से सम्बद्ध चिकित्सालय योजना की 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 14,363.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
- योजना के अंतर्गत प्रदेश में चिकित्सा के लिए मानव संसाधन विकसित किये जाने के लिए 12 जिला मुख्यालयों पर चिकित्सा महाविद्यालयों एवं संबद्ध चिकित्सालयों का संचालन राज्य शासन द्वारा किया जा रहा है।
- चिकित्सा महाविद्यालय में पीजी पाठ्यक्रम के सुदृढ़ीकरण से संबंधित योजना के लिए 657 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत प्रदेश में संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों में भारत सरकार के आर्थिक सहयोग से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मापदंडों के अनुरूप अतिरिक्त अधोसंरचना का निर्माण, नवीन मशीनें एवं उपकरणों के प्रतिस्थापन के फलस्वरूप अतिरिक्त स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम सीटों में वृद्धि होगी।
- नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण से संबंधित योजना के लिए 1200 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृति अनुसार उज्जैन ,सिवनी, छतरपुर, दमोह और बुदनी में नवीन चिकित्सा महाविद्यालय का भवन निर्माण किया जाएगा।
- एमबीबीएस सीट्स में वृद्धि की योजना के लिए 838 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। योजना में प्रदेश के संचालित चिकित्सा महाविद्यालयों में अधोसंरचना निर्माण, आधुनिक उपकरणों की स्थापना, पठन-पाठन एवं महाविद्यालयीन गतिविधियों के लिए आवश्यक उपकरण प्रदाय किये जा सकेंगे। इससे राष्ट्रीय मेडिकल काउंसिल से एमबीबीएस सीटों की वृद्धि की स्वीकृति मिल सकेगी।
जबलपुर बरगी क्रूस हादसे की जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग के गठन का अनुसमर्थन
कैबिनेट द्वारा बरगी बांध, जबलपुर में 30 अप्रैल 2026 को क्रूज दुर्घटना के कारण हुई जनहानि की न्यायिक जाँच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति, उच्च न्यायालय जबलपुर श्री संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय न्यायिक जाँच आयोग गठित किये जाने के संबंध में 10 मई 2026 को जारी आदेश का अनुसमर्थन किया गया।
इन प्रस्तावों को भी मंजूरी
- कैबिनेट ने “मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 (संशोधन) अध्यादेश, 2026” के प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृति अनुसार राज्यपाल से संविधान के अनुच्छेद 213 के खण्ड (1) के अधीन अध्यादेश प्रख्यापित किया जाएगा।
- कैबिनेट ने निर्माणाधीन जिला न्यायालय भवन, पिपल्याहाना, इंदौर के पुनरीक्षित निर्माण कार्य की लागत राशि 411 करोड़ 1 लाख रुपये को पुनरीक्षित कर 626 करोड़ 61 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।
- राज्य शासन द्वारा अनुपम खेर द्वारा निर्देशित हिन्दी फीचर फिल्म, “तन्वी द ग्रेट” और आशीष मल्ल द्वारा निर्देशित हिन्दी फीचर फिल्म, “शतकः संघ के 100 वर्ष” के मध्य प्रदेश में प्रदर्शन पर एसजीएसटी. से छूट का अनुसमर्थन किया है। दोनों फिल्मों का मध्य प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 के अधीन राज्य माल और सेवा कर (एसजीएसटी) के समतुल्य राशि की प्रतिपूर्ति करते हुए सिने-दर्शकों को उक्त राशि की छूट प्रदान की गई है। इसके लिए विभाग के 24 जुलाई 2025 और 3 मार्च 2026 को जारी आदेश का अनुसमर्थन किया गया है।