भरभराकर गिरी दीवार, क्या यहाँ भी भ्रष्टाचार, तीन लोग दबे, नगर निगम सवालों के घेरे में
ग्वालियर में रविवार को हुए इस दर्दनाक हादसे ने शहर में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर नई बहस छेड़ दी है। कंपू थाना क्षेत्र के गुड़ा गुड़ी का नाका इलाके में पहाड़िया के पास बनी नगर निगम की एक दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार के पास मौजूद चाय के ठेले पर बैठे तीन लोग
ग्वालियर में रविवार को हुए इस दर्दनाक हादसे ने शहर में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर नई बहस छेड़ दी है। कंपू थाना क्षेत्र के गुड़ा गुड़ी का नाका इलाके में पहाड़िया के पास बनी नगर निगम की एक दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार के पास मौजूद चाय के ठेले पर बैठे तीन लोग इसकी चपेट में आ गए।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। मलबा हटाकर सभी घायलों को बाहर निकाला गया और जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। इलाज के दौरान फरहाना नाम की महिला की मौत हो गई, जबकि राहुल और पप्पू का इलाज जारी है।
नगर निगम की नई दीवार कैसे बनी हादसे की वजह?
स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस दीवार के गिरने से यह हादसा हुआ, उसका निर्माण कुछ महीने पहले ही नगर निगम की ओर से कराया गया था। लोगों का कहना है कि दीवार देखने में मजबूत लग रही थी, लेकिन अचानक गिरने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। कई लोगों ने आरोप लगाया कि यदि निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार हुआ होता तो इतनी जल्दी दीवार नहीं गिरती।
घटना के बाद नगर निगम के सभापति मनोज तोमर ने कहा कि दीवार हाल ही में बनाई गई थी और अब यह पता लगाया जाएगा कि इसके गिरने की वजह क्या रही। उन्होंने जांच कराने की बात कही है। वहीं पुलिस और प्रशासन भी तकनीकी पहलुओं की जांच करेंगे। जरूरत पड़ने पर निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा सकती है। फिलहाल हादसे के कारणों का आधिकारिक खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
हादसे के बाद लोगों में नाराजगी
दीवार गिरने की घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य में तेजी दिखाई गई, लेकिन अगर शुरुआती कुछ मिनटों में और तेज कार्रवाई होती तो शायद महिला की जान बचाई जा सकती थी। लोगों ने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए शहर में हाल के वर्षों में बने निर्माण कार्यों की भी जांच कराने की मांग उठाई है।
एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और मलबा पूरी तरह हटाया जा रहा है। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही या निर्माण में गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का भी मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर बनने वाली दीवारों, पुलों और अन्य निर्माण कार्यों का समय-समय पर निरीक्षण होना जरूरी है। इससे संभावित खतरे पहले ही सामने आ सकते हैं और लोगों की जान बचाई जा सकती है।
फिलहाल पुलिस ने घटना से जुड़े सभी तथ्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी जांच और निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि हादसा निर्माण में कमी, रखरखाव की लापरवाही या किसी अन्य कारण से हुआ। जांच पूरी होने तक प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट