370 ड्रोन से यूक्रेन का सबसे बड़ा वार! रूस में मची अफरा-तफरी, फिर पुतिन ने मिसाइलों से लिया बदला
यूक्रेन ने मॉस्को क्षेत्र की ओर 370 से अधिक ड्रोन भेजकर लॉजिस्टिक्स सेंटर और तेल डिपो को निशाना बनाया। रूस ने जवाब में यूक्रेन पर 41 मिसाइलें दागीं। दोनों देशों ने अपने-अपने दावे किए हैं। इस घटनाक्रम ने रूस-यूक्रेन युद्ध को और अधिक गंभीर मोड़ पर ला खड़ा किया।
मॉस्को/कीव: रूस-यूक्रेन युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। यूक्रेन ने मॉस्को क्षेत्र की ओर बड़ी संख्या में ड्रोन भेजकर रूस के अहम लॉजिस्टिक्स और ईंधन ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद रूस ने जवाबी कार्रवाई में यूक्रेन पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बारिश कर दी। दोनों देशों के दावों के बीच यह घटनाक्रम युद्ध के और तेज होने के संकेत दे रहा है।
370 से ज्यादा ड्रोन, मॉस्को के पास आग और धुआं
रूसी अधिकारियों के अनुसार, मॉस्को क्षेत्र की ओर 370 से अधिक ड्रोन भेजे गए। अधिकांश ड्रोन को एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराने का दावा किया, लेकिन कुछ अपने लक्ष्य तक पहुंच गए।
हमलों के बाद इलेक्ट्रोस्टाल स्थित एक बड़े लॉजिस्टिक्स कॉम्प्लेक्स और नोगिंस्क तेल डिपो में आग लग गई। कई घंटों तक आसमान में काला धुआं छाया रहा और दमकल की टीमें आग बुझाने में जुटी रहीं।
रूस का पलटवार, यूक्रेन पर मिसाइलों की बौछार
यूक्रेन की वायुसेना के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई में रूस ने रातभर में 41 मिसाइलें दागीं। यूक्रेन का दावा है कि इनमें से 18 मिसाइलों को उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि बाकी से कई क्षेत्रों में नुकसान हुआ। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने इसे युद्ध शुरू होने के बाद सबसे बड़े मिसाइल हमलों में से एक बताया।
जेलेंस्की ने बताया क्यों बनाया निशाना
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि जिन ठिकानों पर हमला किया गया, वे रूस की सैन्य आपूर्ति और ड्रोन निर्माण से जुड़े लॉजिस्टिक्स केंद्रों का समर्थन करते थे। वहीं रूस ने इन हमलों को “आतंकवादी कार्रवाई” करार देते हुए यूक्रेन पर नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
ईंधन आपूर्ति पर पड़ सकता है असर
हमले का शिकार बना नोगिंस्क तेल डिपो मॉस्को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण ईंधन केंद्र माना जाता है। अगर नुकसान ज्यादा हुआ तो स्थानीय स्तर पर ईंधन आपूर्ति और वितरण प्रभावित हो सकता है। साथ ही इलेक्ट्रोस्टाल का लॉजिस्टिक्स हब भी रूस की सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बताया जाता है।
युद्ध का दायरा लगातार बढ़ रहा
विशेषज्ञों का मानना है कि अब युद्ध केवल सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रहा। दोनों पक्ष लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइलों से एक-दूसरे के अंदरूनी इलाकों को निशाना बना रहे हैं। इससे सैन्य तनाव के साथ-साथ नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर भी खतरा बढ़ता जा रहा है।