पाकिस्तान में साइबर फ्रॉड का बड़ा खुलासा! 3 अवैध कॉल सेंटरों पर छापा; 212 हिरासत में, 7 चीनी नागरिक भी शामिल
इस्लामाबाद में पाकिस्तान की NCCIA ने तीन कथित अवैध कॉल सेंटरों पर छापेमारी कर 212 लोगों को हिरासत में लिया है। कार्रवाई में सात चीनी नागरिक भी शामिल हैं। एजेंसी के मुताबिक 306 मोबाइल फोन, 383 कंप्यूटर/CPU और 299 मॉनिटर-लैपटॉप बरामद हुए हैं। शुरुआती जांच में Google फ्रॉड, डेटिंग और अन्य ऑनलाइन स्कीम के साथ भारत और ब्राजील से कथित लिंक की बात सामने आई है।
Islamabad: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में साइबर फ्रॉड के कथित नेटवर्क पर हुई बड़ी कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे ऑनलाइन स्कैम को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। नेशनल साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NCCIA) ने पिछले 24 घंटे में सेक्टर E-11 और G-10 में तीन कथित अवैध कॉल सेंटरों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कुल 212 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें पाकिस्तानी और चीनी नागरिकों के साथ पुरुष और महिलाएं भी शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में इन कॉल सेंटरों से चल रही ऑनलाइन फ्रॉड स्कीम और भारत-ब्राजील से कथित लिंक की जानकारी सामने आई है।
तीन कॉल सेंटरों पर एक साथ कार्रवाई
NCCIA के मुताबिक, इस्लामाबाद में E-11 और G-10 सेक्टर में तीन कथित अवैध कॉल सेंटरों को निशाना बनाकर कार्रवाई की गई। एजेंसी की टीमों ने इन परिसरों में तलाशी ली और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। कार्रवाई में 212 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें सात चीनी नागरिक भी शामिल बताए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों में पाकिस्तानी और चीनी पुरुषों के अलावा महिलाएं भी शामिल हैं।
मोबाइल और कंप्यूटर समेत डिजिटल सामान बरामद
छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण मिले हैं। NCCIA के अनुसार, कार्रवाई में 306 मोबाइल फोन, 383 कंप्यूटर और CPU तथा 299 मॉनिटर और लैपटॉप बरामद किए गए। इतने बड़े पैमाने पर डिजिटल उपकरणों की बरामदगी के बाद अब जांच एजेंसी इनके डेटा और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कॉल सेंटरों में किस तरह की गतिविधियां चल रही थीं और उनका संचालन किन लोगों या नेटवर्क से जुड़ा था।
Google फ्रॉड से लेकर डेटिंग स्कीम तक
NCCIA के अनुसार, शुरुआती जांच में अलग-अलग तरह की ऑनलाइन फ्रॉड स्कीम सामने आई हैं। इनमें Google से जुड़े कथित फ्रॉड, लोन और डेटिंग स्कीम, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और फर्जी ट्रेडिंग ऑफर शामिल बताए गए हैं। ऐसे मामलों में आमतौर पर ऑनलाइन संपर्क के जरिए लोगों को भरोसे में लेने और फिर पैसे या निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश की जाती है। एक अलग मामले से जुड़ी जांच में NCCIA ने ऑनलाइन डेटिंग के जरिए लोगों से संपर्क कर उन्हें कथित ऑनलाइन टास्क और निवेश योजनाओं में पैसे लगाने के लिए प्रेरित करने की बात कही है।
भारत और ब्राजील से कथित लिंक मिलने का दावा
इस पूरे मामले को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि NCCIA की शुरुआती जांच में नेटवर्क के कथित अंतरराष्ट्रीय लिंक सामने आने की बात कही गई है। एजेंसी के मुताबिक, जांच में भारत और ब्राजील से लिंक मिलने के संकेत मिले हैं। हालांकि, इन लिंक की प्रकृति क्या है, इसमें कौन लोग शामिल हैं और क्या संबंध ऑपरेटरों, वित्तीय लेनदेन, तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर या किसी अन्य स्तर पर हैं, इसकी पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
सात चीनी नागरिकों की मौजूदगी ने बढ़ाई जांच की अहमियत
कार्रवाई में सात चीनी नागरिकों के हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इससे जांच का अंतरराष्ट्रीय पहलू और महत्वपूर्ण हो गया है। हालांकि, किसी व्यक्ति का विदेशी नागरिक होना अपने आप में उसके अपराध में शामिल होने का प्रमाण नहीं है। NCCIA अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कॉल सेंटरों में मौजूद अलग-अलग लोगों की क्या भूमिका थी। कौन लोग कॉल कर रहे थे, कौन तकनीकी काम देख रहा था और कथित नेटवर्क का संचालन या वित्तीय लेनदेन कौन संभाल रहा था, यह जांच का हिस्सा है।
पाकिस्तान में पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
इस्लामाबाद की यह कार्रवाई अकेली घटना नहीं है। हाल के महीनों में पाकिस्तान में अवैध कॉल सेंटरों और अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े कई मामलों में कार्रवाई की रिपोर्ट सामने आई है। पिछले महीने इस्लामाबाद में ही एक कथित साइबर-रोमांस और सेक्सटॉर्शन नेटवर्क पर कार्रवाई के दौरान 114 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी, जिनमें 111 चीनी और तीन वियतनामी नागरिक बताए गए थे। वहीं सितंबर में कराची में भी एक कथित अवैध कॉल सेंटर पर कार्रवाई में 27 संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।