सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, धर्म परिवर्तन के बाद नहीं मिलेगा SC/ST का लाभ, खत्म हो जायेगा दर्जा

भारत की सर्वोच्च अदालत ने आज मंगलवार को धर्म परिवर्तन पर एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल हिन्दू, बौद्ध और सिख धर्म को मानने वाले लोग ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति यानि SC/ST का दर्जा प्राप्त कर सकते हैं यदि कोई व्यक्ति ईसाई या किसी अन्य धर्म को

Mar 24, 2026 - 13:30
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, धर्म परिवर्तन के बाद नहीं मिलेगा SC/ST का लाभ, खत्म हो जायेगा दर्जा

भारत की सर्वोच्च अदालत ने आज मंगलवार को धर्म परिवर्तन पर एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल हिन्दू, बौद्ध और सिख धर्म को मानने वाले लोग ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति यानि SC/ST का दर्जा प्राप्त कर सकते हैं यदि कोई व्यक्ति ईसाई या किसी अन्य धर्म को अपना लेता है तो उसके पास ये दर्जा नहीं रहेगा उसे SC/ST वर्ग को मिलने वाले लाभ नहीं मिलेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने धर्म परिवर्तन से जुड़े एक मामले पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया, अदालत ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें कहा गया था कि अगर कोई व्यक्ति ईसाई धर्म अपना लेता है तो वह अनुसूचित जाति वर्ग में नहीं माना जायेगा। अदलत ने स्पष्ट कहा कि ईसाई धर्म में कन्वर्ट होने वाला व्यक्ति अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम का लाभ नहीं ले सकेगा

आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट का फैसला बरकरार

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा मई 2025 में दिए गए फैसले पर सुनवाई करते हुए दिया। यह मामला पादरी चिंताडा आनंद द्वारा दायर अपील से जुड़ा था, उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके साथ जातिसूचक गालियां दी गईं। पादरी की शिकायत पर पुलिस ने SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत FIR दर्ज की थी। इसके बाद आरोपी अक्कला रामिरेड्डी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर रद्द करने की मांग की थी।

अदालत ने इन बातों को किया रेखांकित 

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को देखने और सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि अपीलकर्ता खुले तौर पर ईसाई धर्म को मानता है उसके अनुसार चर्च जाता है ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार करता है , रविवार को प्रार्थना कराता है तो वो कैसे अनुसूचित जाति का लाभ ले सकता है।

धर्म परिवर्तन किया तो SC सर्टिफिकेट होने से भी नहीं मिलेगा लाभ

अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति के पास SC प्रमाणपत्र है लेकिन उसने अपना वास्तविक धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया है तो केवल प्रमाणपत्र होने से उसे अनुसूचित जाति का लाभ नहीं मिलेगा। अदालत ने कहा कि ईसाई धर्म में जाति व्यवस्था मान्य नहीं है, इसलिए धर्म परिवर्तन के बाद SC दर्जा समाप्त माना जाएगा।