राष्ट्रपति ने मशहूर गायिका अलका याग्निक को पद्मश्री सम्मान से नवाजा, स्वास्थ्य ने खींचा सबका ध्यान, मंच तक पहुंचने में लेना पड़ा सहारा

भारत की सबसे लोकप्रिय गायिकाओं में शामिल अलका याग्निक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया है। दरअसल राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह के दौरान अलका याग्निक की मौजूदगी चर्चा का विषय बन गई। हाल के महीनों में अपनी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का खुलासा करने वाली गायिका अलका याग्निक समारोह

Jun 23, 2026 - 23:30
राष्ट्रपति ने मशहूर गायिका अलका याग्निक को पद्मश्री सम्मान से नवाजा, स्वास्थ्य ने खींचा सबका ध्यान, मंच तक पहुंचने में लेना पड़ा सहारा

भारत की सबसे लोकप्रिय गायिकाओं में शामिल अलका याग्निक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया है। दरअसल राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह के दौरान अलका याग्निक की मौजूदगी चर्चा का विषय बन गई। हाल के महीनों में अपनी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का खुलासा करने वाली गायिका अलका याग्निक समारोह में कुछ कमजोर दिखाई दीं और मंच तक पहुंचने के दौरान उन्हें सहारे की जरूरत पड़ी।

दरअसल राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कारों के दूसरे चरण में कुल 65 हस्तियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान क्रिकेटर रोहित शर्मा, अभिनेता आर. माधवन और कई अन्य प्रमुख हस्तियों को भी सम्मान मिला। हालांकि समारोह में अलका याग्निक की उपस्थिति ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। सम्मान ग्रहण करने के लिए जब वह मंच की ओर बढ़ीं तो उनकी चाल में कमजोरी दिखाई दी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताई। अलका याग्निक ने सम्मान ग्रहण करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन भी किया।

अलका याग्निक की बीमारी ने बदली जिंदगी

दरअसल बीते दिनों अलका याग्निक ने सोशल मीडिया के जरिए बताया था कि वह एक दुर्लभ कान संबंधी बीमारी से जूझ रही हैं। गायिका अलका याग्निक के अनुसार फ्लाइट यात्रा के बाद अचानक उन्हें सुनाई देना बंद हो गया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें “सेंसरी नर्व हियरिंग लॉस” नाम की दुर्लभ समस्या से पीड़ित बताया। अलका याग्निक ने कहा था कि यह समस्या एक वायरल संक्रमण के बाद सामने आई।

वहीं इस बीमारी का असर उनकी पेशेवर और निजी जिंदगी दोनों पर पड़ा। कई सप्ताह तक सार्वजनिक रूप से नजर न आने के बाद उन्होंने खुद अपनी स्थिति के बारे में जानकारी साझा की थी। अपने संदेश में उन्होंने बताया था कि अचानक आई इस परेशानी ने उन्हें हैरान कर दिया था। यही वजह रही कि लंबे समय बाद जब वह राष्ट्रपति भवन के समारोह में दिखाई दीं तो लोगों की नजरें उन पर टिक गईं।

आर माधवन को पद्मश्री से सम्मानित किया गया

वहीं जाने-माने अभिनेता, फिल्म निर्माता और पटकथा लेखक माधवन रंगनाथन को भारतीय सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया। कला के क्षेत्र में अपनी बहुमुखी प्रतिभा और कॉमिक टाइमिंग के लिए मशहूर अभिनेता सतीश शाह को भी मरणोपरांत पद्मश्री प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उनके भाई अरविंद ने स्वीकार किया। सतीश शाह ने अपने चार दशकों के करियर में कई यादगार फिल्मों और टीवी शो में काम किया।

इंडोलॉजी की प्रतिष्ठित प्रोफेसर और भाषाविद् डॉ. ल्यूडमिला खोखलोवा को भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री से सम्मानित किया। डॉ. खोखलोवा ने रूसी, अंग्रेजी और हिंदी में छह पुस्तकें और बानबे शोध पत्र लिखे हैं। उन्होंने ऐतिहासिक भाषा-विज्ञान पर महत्वपूर्ण शोध किए हैं, जिसमें सिख धर्म की उत्पत्ति और विकास पर उनका अध्ययन विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

रोहित शर्मा को पद्मश्री से नवाजा गया

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को खेल के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए पद्मश्री से नवाजा गया। रोहित शर्मा के नाम एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में तीन दोहरे शतक बनाने का अद्वितीय रिकॉर्ड है। इसके अतिरिक्त, भारतीय टीम ने 2024 का टी-20 विश्व कप भी उनकी कप्तानी में जीता।

वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों के लिए कुल 131 व्यक्तियों का चयन किया गया था। इससे पहले, 25 मई को पहले चरण में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और अभिनेता धर्मेंद्र सहित 66 हस्तियों को पद्म अवॉर्ड दिए गए थे।