भोपाल में आज से शुरू होगा 7 दिवसीय रासलीला समारोह, हर शाम कृष्ण की लीलाओं से सजेगा मंच
भोपाल में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और रास प्रसंगों को करीब से देखने का मौका मिलने जा रहा है। मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग की ओर से रासलीला समारोह का आयोजन किया जा रहा है। सात दिन तक चलने वाले इस समारोह की शुरुआत 29 अगस्त से होगी। रवींद्र भवन के मुक्ताकाश मंच पर
भोपाल में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और रास प्रसंगों को करीब से देखने का मौका मिलने जा रहा है। मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग की ओर से रासलीला समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
सात दिन तक चलने वाले इस समारोह की शुरुआत 29 अगस्त से होगी। रवींद्र भवन के मुक्ताकाश मंच पर हर शाम कृष्ण की अलग-अलग लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।
29 अगस्त से शुरू होगा रासलीला समारोह
मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित यह सात दिवसीय रासलीला समारोह 29 अगस्त से शुरू होगा। कार्यक्रम के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की अलग-अलग लीलाओं और रास प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
रवींद्र भवन का मुक्ताकाश मंच इस आयोजन का केंद्र रहेगा। यहां हर दिन शाम 6:30 बजे से कार्यक्रम शुरू होंगे। यानी दर्शक दिनभर के काम के बाद शाम को परिवार के साथ पहुंचकर इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद ले सकेंगे।
मंच पर जीवंत होंगी भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं
रासलीला समारोह की सबसे खास बात भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का मंचन होगा। कृष्ण के बचपन से जुड़े कई प्रसंग ऐसे हैं, जिनसे बच्चे और बड़े दोनों आसानी से जुड़ जाते हैं।
मंच पर कलाकार कृष्ण के बाल रूप और उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों को अभिनय, संगीत और नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे। इससे दर्शकों को धार्मिक कथा सुनने के साथ-साथ उसे मंच पर देखने का अनुभव भी मिलेगा।
रोज शाम 6:30 बजे होगा कार्यक्रम
भोपाल के रवींद्र भवन स्थित मुक्ताकाश मंच पर रासलीला समारोह के कार्यक्रम रोज शाम 6:30 बजे से शुरू होंगे। सात दिनों तक लगातार अलग-अलग प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी।
शाम का समय होने के कारण परिवारों के लिए भी यह आयोजन खास हो सकता है। बच्चे भगवान श्रीकृष्ण की कहानियों को मंच पर देख सकेंगे, वहीं बड़े लोग धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद ले सकेंगे।
मुक्ताकाश मंच पर होने वाले कार्यक्रम में दर्शकों को खुले वातावरण में प्रस्तुति देखने का अनुभव मिलेगा। आयोजन में कृष्ण की विभिन्न लीलाओं और रास प्रसंगों को प्रमुखता दी जाएगी।
दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निशुल्क
समारोह में शामिल होने के लिए दर्शकों को किसी तरह का टिकट नहीं लेना होगा। रासलीला समारोह में प्रवेश निशुल्क रखा गया है। इसका मतलब है कि शहर के लोग बिना किसी टिकट शुल्क के इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हिस्सा बन सकते हैं।
निशुल्क प्रवेश होने से बड़ी संख्या में लोगों के कार्यक्रम में पहुंचने की उम्मीद है। खासकर वे परिवार जो धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम देखना पसंद करते हैं, उनके लिए यह अच्छा मौका है।
सात दिनों तक कृष्ण भक्ति और संस्कृति का संगम
सात दिवसीय रासलीला समारोह के दौरान भोपाल में कृष्ण भक्ति और भारतीय संस्कृति का खास माहौल देखने को मिलेगा। अलग-अलग दिनों में होने वाली प्रस्तुतियों के जरिए कृष्ण के जीवन और रास प्रसंगों को दर्शकों के सामने रखा जाएगा।
रासलीला में कृष्ण और गोपियों के बीच प्रेम और भक्ति से जुड़े प्रसंग भी महत्वपूर्ण होते हैं। इन प्रसंगों को कलाकार संगीत और नृत्य के साथ प्रस्तुत करते हैं। भारतीय परंपरा में रास को केवल मनोरंजन के रूप में नहीं देखा जाता, बल्कि इसे भक्ति और आध्यात्मिक भाव से भी जोड़ा जाता है।