हॉस्टलों की अव्यवस्थाओं के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्र-छात्राएं, 10 KM पैदल चलकर पहुंचे कलेक्टर कार्यालय

राजधानी भोपाल में हॉस्टलों की अव्यवस्थाओं को लेकर छात्र-छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया है। कमला नेहरू गर्ल्स हॉस्टल, प्रोफेसर्स कॉलोनी और शासकीय सीनियर बालक छात्रावास, गोविंदपुरा के सैकड़ों विद्यार्थी बुधवार को करीब 10 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। विद्यार्थियों का आरोप है कि छात्रावासों की समस्याओं को

Aug 19, 2026 - 18:30
हॉस्टलों की अव्यवस्थाओं के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्र-छात्राएं, 10 KM पैदल चलकर पहुंचे कलेक्टर कार्यालय

राजधानी भोपाल में हॉस्टलों की अव्यवस्थाओं को लेकर छात्र-छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया है। कमला नेहरू गर्ल्स हॉस्टल, प्रोफेसर्स कॉलोनी और शासकीय सीनियर बालक छात्रावास, गोविंदपुरा के सैकड़ों विद्यार्थी बुधवार को करीब 10 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

विद्यार्थियों का आरोप है कि छात्रावासों की समस्याओं को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अधिकारियों की ओर से बजट नहीं होने की बात कहकर मामला टाल दिया जाता है। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने SC/ST छात्रावासों में सरकारी प्रावधानों के मुताबिक मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने का भी आरोप लगाया।

साफ पानी से लेकर भोजन और सुरक्षा तक उठाए सवाल

विद्यार्थियों ने छात्रावासों में पीने के साफ पानी, सफाई, गुणवत्तापूर्ण भोजन, चादर और वाटर कूलर जैसी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही लाइब्रेरी, डिजिटल सुविधाएं, कोचिंग, बिल्डिंग मेंटेनेंस, नियमित हेल्थ कैंप और खेल सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की।

कमला नेहरू गर्ल्स हॉस्टल को लेकर छात्राओं ने सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उनकी मांग है कि गर्ल्स हॉस्टल में तैनात पुरुष कर्मचारियों को हटाकर महिला कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए। विद्यार्थियों ने संबंधित हॉस्टल वार्डन को हटाने की भी मांग की है।

आवाज उठाने पर डराने-धमकाने का आरोप

प्रदर्शन में शामिल विद्यार्थियों का आरोप है कि छात्रावासों की समस्याओं को लेकर आवाज उठाने पर उन्हें डराया-धमकाया जाता है और मानसिक रूप से परेशान किया जाता है। इन्हीं शिकायतों और मांगों को लेकर विद्यार्थी पैदल कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।

15 दिन का अल्टीमेटम

विद्यार्थियों के मुताबिक अधिकारियों ने हॉस्टल वार्डन को हटाने और 15 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। वहीं विद्यार्थियों ने भी प्रशासन को 15 दिन का समय दिया है।

उनका कहना है कि तय समय में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो ‘संयुक्त छात्रावास मोर्चा’ के बैनर तले आंदोलन किया जाएगा।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।