कश्मीर में 10 हजार आतंकियों को भेजने का किया दावा! पाकिस्तानी मौलवी के बिगड़े बोल
लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक कार्यक्रम में भाषण देते हुए उन्होंने जेल में बंद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद की तारीफ की और कश्मीर को लेकर विवादित दावा किया।
Kashmir: पाकिस्तानी मौलवी नासिर मदनी गंभीर बीमारी से उबरने के कुछ हफ्तों बाद एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर दिखाई दिए हैं। 14 अगस्त को बहावलनगर में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक कार्यक्रम में भाषण देते हुए उन्होंने जेल में बंद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद की तारीफ की और कश्मीर को लेकर विवादित दावा किया।
हाफिज सईद को बताया बलिदान देने वाला
अपने भाषण में नासिर मदनी ने हाफिज सईद को ऐसे व्यक्ति के रूप में पेश किया, जिसने कथित तौर पर अपने देश के लिए बलिदान दिया। उन्होंने दावा किया कि हाफिज सईद ने कश्मीर में 10 हजार आतंकियों को भेजा था।
मदनी का यह बयान भारत विरोधी बयानबाजी के साथ-साथ आतंकी संगठनों की गतिविधियों को लेकर भी चर्चा में आ गया है।
10 हजार आतंकियों वाले दावे का क्या है महत्व?
मदनी का कथित 10 हजार आतंकियों वाला दावा इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें कश्मीर में आतंकियों की कथित लामबंदी और भेजे जाने की बात कही गई है।
कश्मीर लंबे समय से पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों के प्रचार का प्रमुख मुद्दा रहा है। लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों पर भारत में कई आतंकी हमलों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं।
आतंकी संगठनों पर लगते रहे हैं गंभीर आरोप
लश्कर-ए-तैयबा समेत कई पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों पर आम नागरिकों, सुरक्षाबलों और राजनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के आरोप हैं। भारत और कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इन संगठनों को आतंकी गतिविधियों से जोड़ती रही हैं।
बीमारी के बाद पहली बार सार्वजनिक मंच पर दिखे मदनी
नासिर मदनी के दोबारा सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर भी चर्चा हो रही है। उन्होंने बहावलनगर में आयोजित कार्यक्रम में भाषण दिया, जहां उन्होंने हाफिज सईद का समर्थन करते हुए कई दावे किए।