Harry Potter’s 46th Birthday: विंगर्डियम लेवियोसा… काश! आज भी मिल जाए हॉगवर्ट्स का बुलावा, ये जादुई सफर लौटा देगा आपका बचपन
Harry Potter’s 46th birthday: हैरी पॉटर की दुनिया सिर्फ जादू की नहीं, यादों की भी दुनिया है। 90s के बच्चों के लिए यह कहानी आज भी उतनी ही खास है। हैरी पॉटर के 40वें जन्मदिन पर एक बार फिर उन जादुई सफरों की चर्चा हो रही है, जिन्हें देखकर हर किसी ने कभी न कभी सोचा था- काश ये सच होता। आखिर कौन-कौन से थे वो जादुई सफर?
New Delhi: 31 जुलाई… यह तारीख सिर्फ एक किरदार का जन्मदिन नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की बचपन की यादों से जुड़ी हुई है। यही वो दिन है जब “द बॉय हू लिव्ड” यानी हैरी पॉटर का जन्मदिन माना जाता है। 40 साल पूरे होने के बाद भी हैरी पॉटर का जादू बिल्कुल फीका नहीं पड़ा है। बल्कि आज भी जब लोग हैरी पॉटर की फिल्मों या किताबों की बात करते हैं, तो ऐसा लगता है जैसे वे किसी पुराने दोस्त से फिर मिल रहे हों।
90s के बच्चों के लिए हैरी पॉटर सिर्फ एक फिल्म नहीं थी। यह वो दुनिया थी, जहां हर बच्चा खुद को कभी न कभी एक जादूगर मान बैठता था। कोई हॉगवर्ट्स जाना चाहता था, तो कोई झाड़ू पर बैठकर उड़ने का सपना देखता था। मुझे भी हैरी पॉटर सिरीज देखने के बाद ये हमेशा इंतजार रहता था कि एक दिन वो जरूर आएगा जब मेरे लिए किसी हॉगवर्ट्स का लेटर लेकर कोई उल्लू आएगा, जिसमें लिखा होगा की मेरा स्कूल में मेरा एडमिशन हो गया है और मुझे जल्द ही छूमंतर गली में अपनी स्कूल की शॉपिंग करने जाना होगा।
अगर सच में फ्लू पाउडर होता…
आज जब एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए घंटों सफर करना पड़ता है, तब हैरी पॉटर की दुनिया का फ्लू पाउडर याद आ जाता है। बस चिमनी में थोड़ा सा जादुई पाउडर डालो, अपनी मंजिल का नाम बोलो और कुछ ही सेकंड में वहां पहुंच जाओ। हालांकि फिल्मों में हैरी पॉटर पहली बार इसका इस्तेमाल करते हुए गलत जगह पहुंच गया था, लेकिन यही छोटी-छोटी बातें इस जादुई दुनिया को और भी मजेदार बना देती थीं।
झाड़ू पर उड़ने का सपना शायद हर बच्चे ने देखा होगा
अगर हैरी पॉटर की किसी एक चीज को लोग सच में पाना चाहते, तो शायद वह जादुई झाड़ू होती। आसमान में उड़ना, बादलों के बीच से निकलना और हवा से बातें करना… यह सपना आज भी लोगों के दिल में कहीं न कहीं जिंदा है। फिल्मों में अलग-अलग तरह की झाड़ू दिखाई गईं, जिनकी रफ्तार और ताकत भी अलग थी। ठीक वैसे ही जैसे हमारी दुनिया में अलग-अलग स्पोर्ट्स बाइक या सुपरकार होती हैं।
हॉगवर्ट्स एक्सप्रेस… जहां सफर मंजिल से ज्यादा खूबसूरत था
हॉगवर्ट्स एक्सप्रेस सिर्फ एक ट्रेन नहीं थी, बल्कि हर साल नए रोमांच की शुरुआत थी। प्लेटफॉर्म 9¾ से निकलने वाली यह ट्रेन बच्चों को जादुई स्कूल तक लेकर जाती थी। लेकिन इस सफर की सबसे प्यारी याद शायद वही ट्रॉली वाली आंटी थीं, जिनकी आवाज़ आज भी फैंस के कानों में गूंजती है-“कुछ लोगे, प्यारे बच्चों?” और उनके पास न जाने कितने तरह की कैंडी हुआ करती थी। याद है? जब रॉन को वो उल्टी के फ्लेवर वाली कैंडी मिली थी।
उड़ने वाली कार से लेकर ड्रैगन तक… सफर के तरीके भी थे कमाल
वहीं जब प्लेटफॉर्म का रास्ता बंद हो गया था, तब हैरी और रॉन उड़ने वाली कार में बैठकर हॉगवर्ट्स पहुंचे थे। बाद में यही कार उनकी जान भी बचाती है। इसके अलावा, ग्रिंगॉट्स बैंक से भागने के दौरान ड्रैगन की पीठ पर बैठकर निकलना शायद पूरी सीरीज के सबसे यादगार दृश्यों में से एक था। हालांकि ऐसा सफर हर कोई दोबारा करना नहीं चाहेगा।
कुछ सफर डरावने थे, लेकिन उतने ही खास भी
थेस्ट्रल जैसे रहस्यमयी घोड़े, जिन्हें सिर्फ वही लोग देख सकते थे जिन्होंने किसी की मौत देखी हो… या फिर हिप्पोग्रिफ बकबीक, जिसकी सवारी करने से पहले सम्मान में झुकना जरूरी था। हैरी पॉटर की दुनिया में हर सफर सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का जरिया नहीं था, बल्कि एक नई सीख भी देता था।
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टाइम टर्नर… जिसे पाने का सपना आज भी लोग देखते हैं
अगर कोई एक जादुई चीज सबसे ज्यादा लोगों को आकर्षित करती है, तो वह टाइम टर्नर है। समय को पीछे ले जाकर गलतियां सुधारने का मौका आखिर कौन नहीं चाहेगा? हर्माइनी ने इसका इस्तेमाल पढ़ाई के लिए किया था, लेकिन इसे देखकर हर दर्शक ने एक बार जरूर सोचा होगा- काश हमारे पास भी ऐसा जादू होता।
आज भी जिंदा है हैरी पॉटर का जादू
समय बदल गया, नई फिल्में आईं, नए सुपरहीरो भी आए। लेकिन हैरी पॉटर की दुनिया आज भी उतनी ही खास महसूस होती है। वजह सिर्फ जादू नहीं, बल्कि दोस्ती, हिम्मत, भरोसा और उम्मीद जैसी भावनाएं हैं, जिन्होंने इस कहानी को हमेशा के लिए अमर बना दिया।
शायद यही कारण है कि हैरी पॉटर के 40वें जन्मदिन पर लोग सिर्फ एक किरदार को याद नहीं कर रहे, बल्कि अपने बचपन के उस दौर में लौट रहे हैं, जहां हर रात सोने से पहले यही ख्वाहिश होती थी- काश, अगली सुबह हमारे नाम का भी हॉगवर्ट्स से एक खत आ जाए।