2030-31 तक जारी रहेगी लाड़ली बहना योजना, 1.14 लाख करोड़ होंगे खर्च, वर्तमान में 1.25 करोड़ बहनों को हर माह मिलते हैं 1500 रु
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अगले 5 साल तक जारी रहेगी। मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरन्तर संचालन की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए प्रदेश सरकार 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये खर्च करेगी। मोहन कैबिनेट के
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अगले 5 साल तक जारी रहेगी। मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरन्तर संचालन की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए प्रदेश सरकार 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
मोहन कैबिनेट के इस फैसले ने उन सभी आशंकाओं और अफवाहों पर भी विराम लगा दिया है, जिनमें राज्य की वित्तीय स्थिति का हवाले देकर योजना को बंद करने और पात्रों की संख्या में कटौती के दावे किए जा रहे थे। योजना को मार्च 2031 तक निरंतरता की मंजूरी देकर सरकार ने 1.25 करोड़ से अधिक पात्र बहनों को लंबी अवधि की वित्तीय सुरक्षा की गारंटी दी है। इसी के साथ वित्त विभाग द्वारा पर्याप्त फंड आरक्षित करने से अब हर महीने बैंक खातों में किस्तों का समय पर बिना किसी रुकावट के पहुँचना तय हो गया है।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के बारें में
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मई 2023 में लाड़ली बहना योजना शुरू की गई थी। योजना के उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, परिवार में उनके निर्णय अधिकार को मजबूत करना तथा स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सतत सुधार सुनिश्चित करना है। 10 जून 2023 को योजना की पहली किस्त जारी की गई थी। योजना की शुरुआत में 1000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती थी, जिसे अक्टूबर 2023 में 1000 से बढ़ाकर 1,250 रुपये किया गया।
इसके बाद नवंबर 2025 से राशि में पुनः 250 रुपये की वृद्धि की गई। इसके अतिरिक्त अगस्त 2023, 2024 व 2025 में रक्षाबंधन के मौके पर 250 रुपये की विशेष सहायता राशि भी बहनों को प्रदान की गई। वर्तमान में सामान्य हितग्राही महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह दिए जाते हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाओं को 900 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। वर्तमान में 1 करोड़ 25 लाख 13 हजार से अधिक बहनों को योजना का लाभ मिलता है।
जून 2023 से अबतक इतनी राशि जारी
जून 2023 में योजना की शुरुआत से लेकर अगस्त 2026 तक की कुल 39 किश्तों के माध्यम से लाभार्थी महिलाओं के खातों में 63 हजार 248 करोड़ रुपये की सहायता राशि अंतरित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए राज्य सरकार ने इस योजना के लिये 23,882.81 करोड़ रुपये का विस्तृत बजट प्रावधान रखा है।
बता दें कि योजना 39वीं किस्त (1750) के लिए 2,148 करोड़ रुपये 19 अगस्त 2026 को जारी किए जाने हैं। इसके तहत 39वीं किस्त के रूप में 1,500 प्रति हितग्राही कुल 1,835.46 करोड़ और रक्षाबंधन के विशेष अवसर पर 250 प्रति हितग्राही कुल 312.83 करोड़ रुपये शामिल है। योजना से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल (cmladlibahna.mp.gov.in) पर वि़जिट कर सकते हैं।
इन्हें मिलता है योजना का लाभ:
- मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी हो। महिलाओं की आयु 21 से 60 वर्ष तक होनी चाहिए ।
- विवाहित महिला के साथ निर्धन, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाएं भी योजना की पात्र हैं।
- स्वयं का बैंक खाता और बैंक खाते मे आधार लिंक एवं डीबीटी होना चाहिए।
- समग्र पोर्टल पर आधार के डाटा का ओटीपी या बायोमेट्रिक के माध्यम से वेरिफाई किया होना चाहिए ।
ये योजना से बाहर :
- स्वयं/ परिवार की सम्मिलित रूप से स्वघोषित वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक हो या आयकरदाता हो।
- जिनके पास संयुक्त रूप से 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि हो। जिनके परिवार के पास चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) हो।
- स्वयं / परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के
शासकीय विभाग/ उपक्रम/ मण्डल/ स्थानीय निकाय में नियमित/स्थाईकर्मी/ संविदाकर्मी के रूप में नियोजित हो अथवा सेवानिवृत्ति उपरांत पेंशन प्राप्त कर रहा हो।