नशामुक्ति पर सीएम मोहन यादव सख्त, स्कूल-कॉलेज के पाठ्यक्रम में बदलाव के दिए निर्देश, पढ़ें खबर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में नशामुक्ति और दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने को लेकर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है। दरअसल उन्होंने मंगलवार, 25 जून को सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक ली। वहीं इस दौरान सीएम ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए, जिनमें नशे के नुकसान पर स्कूल और कॉलेज के

Jun 25, 2026 - 20:30
नशामुक्ति पर सीएम मोहन यादव सख्त, स्कूल-कॉलेज के पाठ्यक्रम में बदलाव के दिए निर्देश, पढ़ें खबर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में नशामुक्ति और दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने को लेकर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है। दरअसल उन्होंने मंगलवार, 25 जून को सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक ली। वहीं इस दौरान सीएम ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए, जिनमें नशे के नुकसान पर स्कूल और कॉलेज के पाठ्यक्रमों में जानकारी शामिल करना तथा सरकारी भवनों को दिव्यांगजनों के लिए आसान और सुविधाजनक बनाना शामिल है।

दरअसल सीएम डॉ. यादव ने नशामुक्ति के लिए चलाए जा रहे अभियान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशे के नुकसान से किशोरों और युवाओं को समय रहते परिचित कराना बहुत जरूरी है। इस उद्देश्य से स्कूल और कॉलेज स्तर के पाठ्यक्रमों में नशे के खिलाफ जागरूकता से जुड़ी सामग्री शामिल की जाए। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को नशामुक्ति के लिए मिलकर काम करने के निर्देश दिए, ताकि यह अभियान ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सके और समाज को नशे की बुराई से मुक्त किया जा सके।

सरकारी भवनों को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाने के निर्देश दिए

वहीं बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिव्यांगजनों के आने-जाने को आसान बनाने की बात कही। उन्होंने सभी सरकारी भवनों को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। बच्चों में दिव्यांगजनों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। इसके लिए स्कूल के पाठ्यक्रम में जरूरी सामग्री शामिल करने को कहा गया, जिससे बचपन से ही उनमें समझ और सहयोग की भावना विकसित हो सके।

आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य

सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिव्यांगजनों को निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाने के लिए उनकी क्षमता के अनुसार कौशल विकास गतिविधियां चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री सेवा पखवाड़ा अभियान वर्ष 2025 के अंतर्गत प्रदेश में 6 करोड़ 52 लाख रुपए के कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराए गए हैं। यह पहल उनके जीवन को आसान बनाने में मददगार साबित हुई है।

आधुनिक शिक्षा के लिए 168 स्मार्ट क्लास तैयार किए गए

दरअसल प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए चलाए जा रहे विशेष विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा के लिए 168 स्मार्ट क्लास तैयार किए गए हैं। ये स्मार्ट क्लास दिव्यांग विद्यार्थियों को बेहतर और समावेशी शिक्षा देने में मदद करेंगे। नशामुक्ति भारत अभियान के तहत प्रदेश में 12 हजार वालंटियर्स बनाए गए हैं। ये सभी वालंटियर्स नशे के नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार दिलाने के लिए भारत सरकार से सम्मानित संस्थानों के साथ एमओयू किया गया है। इन संस्थाओं द्वारा अब तक 12 दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

54 प्रतिभागियों को केयर गिवर का प्रशिक्षण दिया गया

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में दान के रूप में मिलने वाली राशि और सामग्री के सही उपयोग की योजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस राशि और सामग्री से स्थानीय स्तर पर निराश्रितों, भिक्षुकों और जरूरतमंद लोगों के भोजन तथा अन्य कल्याणकारी गतिविधियां चलाने की बात कही गई। वृद्धजनों की देखभाल के लिए भी पहल की गई है। 54 प्रतिभागियों को केयर गिवर का प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे बुजुर्गों की बेहतर देखभाल कर सकें। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग में चल रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।