कांग्रेस का वंदे मातरम पर बड़ा फैसला, पार्टी कार्यक्रमों में सिर्फ दो अंतरे गाए जाएंगे, 1937 के निर्णय का पालन करेगी पार्टी

नई दिल्ली के इंदिरा भवन में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में वंदे मातरम को लेकर पार्टी ने अपना रुख स्पष्ट किया। बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी 1937 में लिए गए फैसले के अनुसार अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल दो अंतरे ही गाएगी। उन्होंने कहा

Aug 20, 2026 - 10:30
कांग्रेस का वंदे मातरम पर बड़ा फैसला, पार्टी कार्यक्रमों में सिर्फ दो अंतरे गाए जाएंगे, 1937 के निर्णय का पालन करेगी पार्टी

नई दिल्ली के इंदिरा भवन में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में वंदे मातरम को लेकर पार्टी ने अपना रुख स्पष्ट किया। बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी 1937 में लिए गए फैसले के अनुसार अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल दो अंतरे ही गाएगी। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की पहले से तय नीति के अनुरूप है।

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में वंदे मातरम के साथ अन्य राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक के बाद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी अपने ऐतिहासिक निर्णय के अनुसार आगे भी उसी व्यवस्था का पालन करेगी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम और राष्ट्रगान कांग्रेस के लिए भावनात्मक विषय हैं, जबकि भाजपा इन्हें राजनीतिक मुद्दा बना रही है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि उसके कार्यक्रमों में पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे।

वंदे मातरम पर कांग्रेस ने क्या कहा?

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक बुधवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में हुई। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी 1937 में कांग्रेस द्वारा लिए गए फैसले के मुताबिक आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल दो अंतरे गाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वंदे मातरम और राष्ट्रगान कांग्रेस के लिए भावनात्मक विषय हैं। उनके मुताबिक पार्टी इन्हें ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व के रूप में देखती है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से उठा रही है। वंदे मातरम को 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया था। इस गीत में कुल छह अंतरे हैं। कांग्रेस ने अपने फैसले में केवल यह स्पष्ट किया है कि पार्टी अपने कार्यक्रमों में पहले दो अंतरों का ही गायन करेगी।

जानिए क्या है पूरा मामला?

15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद वंदे मातरम को लेकर विवाद सामने आया था। भाजपा ने दावा किया कि कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम के गायन में व्यवधान डालने की कोशिश की गई थी। कांग्रेस ने इस बैठक में अपनी नीति स्पष्ट करते हुए 1937 के फैसले का पालन करने की बात दोहराई। बैठक में केवल वंदे मातरम का मुद्दा ही नहीं उठा। केसी वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस नेताओं के बीच राम मंदिर चंदा, पेपर लीक, छात्र आंदोलन और सरकार के आंदोलन से निपटने के तरीके जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने माना कि संसद का मानसून सत्र विपक्ष के लिए सफल रहा।