MP Weather: 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर में ऑरेंज अलर्ट, प्रदेश में अबतक 22.6 इंच पानी गिरा
अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। अगले चार दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। खास करके इसका ज्यादा असर पूर्वी हिस्से में देखने को मिलेगा। बुधवार को टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर में अति भारी बारिश
अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। अगले चार दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। खास करके इसका ज्यादा असर पूर्वी हिस्से में देखने को मिलेगा। बुधवार को टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक पानी गिर सकता है।
इसके अलावा 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं 45 जिलों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। लगातार जलस्तर बढ़ने के बाद जबलपुर बरगी डैम के 9 गेट खोल दिए गए हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों और पर्यटकों से नर्मदा नदी के घाटों और तटीय क्षेत्रों से दूरी बनाकर रखने की अपील की है ।
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के मुताबिक, वर्तमान में मानसून ट्रफ फिरोजपुर और देहरादून से डिप्रेशन क्षेत्र तक फैली है, जबकि उत्तरी हरियाणा व पूर्वी यूपी के ऊपर चक्रवाती हवाओं का घेरा बना हुआ है। डिप्रेशन कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदलेगा, जिससे 19 अगस्त को विंध्य, बुंदेलखंड और महाकौशल में में अच्छी बारिश की संभावना है।वहीं पूर्वी हिस्से में 21 और 22 अगस्त को कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट
बुधवार को नरसिंहपुर, पन्ना, टीकमगढ़ (ऑरेंज अलर्ट), रायसेन, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, शहडोल, जबलपुर, मंडला, दमोह, सागर, छतरपुर और कटनी (येलो अलर्ट) में भारी से अति भारी बारिश के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।
इंदौर-भोपाल समेत इन शहरों में रिमझिम, 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा
भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, अनूपपुर, उमरिया, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
मध्य प्रदेश में अब भी 12% कम बारिश हुई
- मध्य प्रदेश में 1 जून से 18 अगस्त 2026 के बीच सामान्य से करीब 12 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
- प्रदेश में अब तक करीब 22.6 इंच ( 573.1 मिलीमीटर) बारिश हुई है जबकी 25.6 इंच (651.4 मिलीमीटर) बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से 3 इंच पानी कम गिरा है। यदि अगस्त अंत तक तेज बारिश का दौर चलता है, तो प्रदेश बारिश के सामान्य आंकड़े के काफी करीब पहुंच सकता है।
- पूर्वी मध्य प्रदेश औसत से 16% और पश्चिमी मध्य प्रदेश औसत से 9% कम पानी गिरा है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
- 40 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश हुई है, सिर्फ प्रदेश के अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना जिलों में ही सामान्य से अधिक पानी गिरा है।