Independence Day 2026: PM मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा, पहली बार गूंजा ‘वंदे मातरम्’
80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे लाल किले पहुंचे, जहां सशस्त्र बलों और दिल्ली पुलिस के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। तय कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया। इसके साथ ही
80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे लाल किले पहुंचे, जहां सशस्त्र बलों और दिल्ली पुलिस के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। तय कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया। इसके साथ ही राजधानी में स्वतंत्रता दिवस समारोह का मुख्य कार्यक्रम शुरू हो गया।
लाल किले पर इस बार समारोह को लेकर कई खास तैयारियां की गई थीं। पहली बार ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया गया और इसके बाद राष्ट्रगान हुआ। इसके बाद 21 तोपों की सलामी और भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से पुष्प वर्षा का कार्यक्रम रखा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके बाद देश को संबोधित करेंगे। उनके भाषण में सरकार की उपलब्धियों के साथ आने वाले वर्षों के लिए योजनाओं और विकसित भारत के लक्ष्य पर बात होने की उम्मीद है।
‘वंदे मातरम्’ से जुड़ा बड़ा बदलाव
इस साल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ को खास जगह दी गई है। समारोह की शुरुआत से पहले ही इसको लेकर काफी चर्चा थी, क्योंकि राष्ट्रगीत के 150 साल पूरे होने के मौके पर इसे कार्यक्रम का अहम हिस्सा बनाया गया। तिरंगा फहराने के पहले ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ और फिर राष्ट्रगान किया गया। इससे समारोह में एक अलग माहौल देखने को मिला।
लाल किले के ज्ञानपथ पर भी खास तैयारी की गई थी। करीब 2,500 एनसीसी कैडेट और माय भारत वॉलंटियर्स ने मिलकर ‘वंदे मातरम्’ की आकृति बनाई। इसका मकसद समारोह में युवाओं की भागीदारी को सामने लाना था। इस बार कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों से करीब 5,000 विशेष अतिथियों को भी बुलाया गया है। इनमें युवा इनोवेटर्स, स्टार्टअप से जुड़े युवा, पीएम इंटर्नशिप योजना के इंटर्न, कौशल विकास योजना से जुड़े युवा और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल हैं।
विकसित भारत 2047 पर फोकस
इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह का एक बड़ा संदेश युवाओं की भूमिका को लेकर है। सरकार ने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य के साथ युवा शक्ति को कार्यक्रम के केंद्र में रखा है। इंटरनेशनल फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और मैथमैटिकल ओलिंपियाड-2026 में पदक जीतने वाले 19 छात्रों को भी समारोह में सम्मानित किया जा रहा है।
इसके अलावा युवा इनोवेटर्स और स्टार्टअप से जुड़े युवाओं को विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया है। पीएम कौशल विकास योजना से ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं और माय भारत वॉलंटियर्स को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया है। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में क्विज और दूसरी प्रतियोगिताओं में चुने गए छात्रों को भी लाल किले पर समारोह देखने का मौका मिला है।