इंदौर ISBT के संचालन की जिम्मेदारी नई कंपनी को, यात्रियों को मिलेंगी स्मार्ट सुविधाएं

इंदौर के कुमेड़ी में मौजूद इंटर स्टेट बस टर्मिनल की संचालन और रखरखाव के जिम्मेदारी अब नई कंपनी बीवीजी इंडिया लिमिटेड को सौंपी गई है। यह टर्मिनल बस, मेट्रो और रेलवे की सुविधा शानदार कनेक्टिविटी के साथ रोजाना हजारों यात्रियों को उपलब्ध करवाएगा। 5.85 हेक्टेयर में पहले इस आईएसबीटी टर्मिनल में रोजाना 1500 से ज्यादा

Aug 6, 2026 - 14:30
इंदौर ISBT के संचालन की जिम्मेदारी नई कंपनी को, यात्रियों को मिलेंगी स्मार्ट सुविधाएं

इंदौर के कुमेड़ी में मौजूद इंटर स्टेट बस टर्मिनल की संचालन और रखरखाव के जिम्मेदारी अब नई कंपनी बीवीजी इंडिया लिमिटेड को सौंपी गई है। यह टर्मिनल बस, मेट्रो और रेलवे की सुविधा शानदार कनेक्टिविटी के साथ रोजाना हजारों यात्रियों को उपलब्ध करवाएगा। 5.85 हेक्टेयर में पहले इस आईएसबीटी टर्मिनल में रोजाना 1500 से ज्यादा बसों के संचालन की क्षमता होगी। यह मध्य प्रदेश को राजस्थान, दिल्ली, गुजरात और अन्य राज्यों से जोड़ने का काम करेगा।

अब बीवीजी इंडिया लिमिटेड को इसके संचालन के जिम्मेदारी सौंपी गई है। कंपनी अब इस टर्मिनल के रख रखाव और सारे प्रबंधन के जिम्मेदारी निभाने वाली है। चलिए जान लेते हैं कि टर्मिनल कैसा है और यात्रियों को इसके जरिए क्या-क्या सुविधा मिलने वाली है।

कंपनी संभालेगी संचालन की जिम्मेदारी

आईएसबीटी के संचालन और रखरखाव के जिम्मेदारी मिलने के बाद अब कंपनी इस मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब का संचालन करने वाली है। उसे इसके समग्र प्रबंधन के जिम्मेदारी निभानी होगी। इसमें इंजीनियरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर पार्किंग, यात्री सुविधा, ट्रैफिक प्रबंधन, व्यावसायिक गतिविधियां, सुरक्षा, यूटिलिटी सेवा, डिजिटल संचालन का प्रबंधन शामिल है। यह सब कुछ एकीकृत सुविधा मॉडल के तहत किया जाएगा।

स्मार्ट तकनीक का होगा उपयोग

टर्मिनल में ऑटोमेटेड पार्किंग, डिजिटल भुगतान, सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल ऐसेट मैनेजमेंट, सार्वजनिक सूचना प्रणाली व्यवस्था, रियल टाइम ऑपरेशन डैशबोर्ड का उपयोग किया जाने वाला है।

क्या है विशेषता

इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता की बात करें तो वो यह है कि बस, मेट्रो और भविष्य की रेल सेवाओं के बीच सहज कनेक्टिविटी देखने को मिलेगी। यहां फुटओवर ब्रिज के माध्यम से मेट्रो स्टेशन का सीधा संपर्क रहेगा, जिससे यात्रियों को बस और मेट्रो के बीच आवागमन की सुविधा मिलेगी। आने वाले समय में रेलवे कनेक्टिविटी जुड़ने के बाद यह प्रदेश के सबसे आधुनिक सार्वजनिक परिवहन केंद्र के रूप में पहचाना जाएगा।

इस परिसर में 30000 वर्ग फुट क्षेत्र में रिटेल और व्यावसायिक गतिविधियां विकसित की जाने वाली है। इसमें दुकान, फूड कोर्ट, कार्यालय, रेस्टोरेंट और यात्रियों की जरूरत से जुड़ी सुविधा उपलब्ध होगी। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यहां सौर ऊर्जा उत्पादन, सीवेज जल का पुनर्चक्रण, कचरा प्रबंधन जल संरक्षण और हरित लैंडस्केपिंग जैसी व्यवस्थाएं भी विकसित की जाएगी।

सिंहस्थ की सुविधाएं

सिंहस्थ 2028 को देखते हुए लाखों यात्रियों की आवाजाही सुचारू तरीके से संभाली जा सके इसके लिए कंपनी द्वारा अतिरिक्त स्टाफ रखा जाएगा। वही बेहतर भीड़ प्रबंधन, सफाई व्यवस्था और रेलवे तथा मेट्रो के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा।

कंपनी सीईओ का क्या कहना

टर्मिनल के संचालन के जिम्मेदारी मिलने के बाद बीवीजी इंडिया लिमिटेड सीईओ रूपल सिन्हा का कहना है कि ‘भारत में सार्वजनिक परिवहन तेजी से बदल रहा है। बस टर्मिनल अब यात्रियों के आने जाने का स्थान नहीं बल्कि एकीकृत मोबिलिटी इकोसिस्टम बनते जा रहे हैं। कंपनी का उद्देश्य आईएसबीटी को स्मार्ट, टिकाऊ और यात्री केंद्रित सार्वजनिक परिवहन मॉडल के रूप में विकसित करना है।’