इंदौर में भूमाफिया जफर खान गिरफ्तार, अवैध कॉलोनियों के मास्टरमाइंड पर पुलिस का शिकंजा

इंदौर में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भूमाफिया जफर खान को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने वर्षों तक अवैध कॉलोनियां विकसित कर लोगों को प्लॉट बेचने के नाम पर धोखा दिया। कई मामलों में उसने दूसरे लोगों की जमीन को अपनी बताकर

Aug 1, 2026 - 23:30
इंदौर में भूमाफिया जफर खान गिरफ्तार, अवैध कॉलोनियों के मास्टरमाइंड पर पुलिस का शिकंजा

इंदौर में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भूमाफिया जफर खान को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने वर्षों तक अवैध कॉलोनियां विकसित कर लोगों को प्लॉट बेचने के नाम पर धोखा दिया। कई मामलों में उसने दूसरे लोगों की जमीन को अपनी बताकर सौदे किए, जिससे बड़ी संख्या में खरीदार प्रभावित हुए।

वहीं पुलिस के मुताबिक आरोपी काफी समय से फरार था। तकनीकी जांच, मोबाइल लोकेशन और अन्य सुरागों के आधार पर संयुक्त टीम ने उसे पकड़ने में सफलता हासिल की। अब उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी।

जफर खान पर क्या हैं आरोप?

दरअसल जांच एजेंसियों के अनुसार जफर खान के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोप है कि उसने बिना वैध अनुमति के कॉलोनियां विकसित कीं और नोटरी के आधार पर कई प्लॉट बेच दिए। कई खरीदारों ने शिकायत की कि उन्हें जमीन का कब्जा नहीं मिला या बाद में पता चला कि जिस प्लॉट का सौदा किया गया था, वह किसी और के नाम पर दर्ज था। पुलिस का कहना है कि अलग-अलग शिकायतों और दस्तावेजों की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई। चंदन नगर थाना पुलिस और एसआईटी ने संयुक्त रूप से तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई। अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद उसके पुराने रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे मामले में अन्य लोग या सहयोगी भी शामिल थे या नहीं। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई

वहीं इंदौर सहित कई बड़े शहरों में अवैध कॉलोनियों और फर्जी प्लॉट बिक्री के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में खरीदार अक्सर कम कीमत या जल्दी रजिस्ट्री के लालच में बिना पूरी जांच के निवेश कर देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी जमीन या प्लॉट को खरीदने से पहले उसके स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड, नगर निगम या विकास प्राधिकरण से स्वीकृति, राजस्व रिकॉर्ड और रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच जरूर करनी चाहिए। यदि कोई कॉलोनी वैध रूप से स्वीकृत नहीं है तो भविष्य में निर्माण, बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं से जुड़ी दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं। पुलिस अधिकारियों ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी संपत्ति का सौदा करने से पहले सभी दस्तावेजों का सत्यापन कराएं और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।