‘मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता’, हत्या की साजिश के दावे पर बोले चंद्रशेखर आजाद
नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने दावा किया है कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की साजिश रची गई। उन्होंने सरकार से उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह दावा गोंडा जाते समय बाराबंकी में उनके काफिले को रोके जाने और कथित पथराव के घटनाक्रम के बाद सामने आया है।
Lucknow: नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की योजना बनाने की जानकारी उन्हें मिली है। चंद्रशेखर आजाद ने सरकार से मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
फार्म हाउस में हत्या की साजिश का दावा
चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो जारी कर कहा कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि वह यह बात पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहे हैं और उनके पास मौजूद सूचना तथा स्रोत गलत नहीं हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने कथित हत्या की साजिश और बाराबंकी में उनके काफिले से जुड़े घटनाक्रम में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की मांग की।
हालांकि, हत्या की कथित साजिश को लेकर चंद्रशेखर आजाद के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
कल 16 सितंबर 2026, सुबह 10 बजे — पूरे उत्तर प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन होगा।
उत्तर प्रदेश की पार्टी लीडरशिप ने तय किया है कि प्रदेश के चार प्रमुख मांगो को लेकर कल 16 सितंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण, संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से एक… pic.twitter.com/G2Yt8fCATx
— Aazad Samaj Party – Kanshi Ram (@AzadSamajParty) September 15, 2026
बोले- मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता
अपने वीडियो में चंद्रशेखर आजाद ने अपने विरोधियों को भी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मौत से डरकर जीवन नहीं जिया जा सकता। उन्होंने अपने समर्थकों से भी संघर्ष जारी रखने और किसी तरह का डर नहीं रखने की अपील की।
आजाद ने यह भी कहा कि मामला केवल उनकी सुरक्षा तक सीमित नहीं है। उन्होंने एक निर्वाचित सांसद और सुरक्षा प्राप्त जनप्रतिनिधि के काफिले से जुड़े कथित पथराव और आग लगाने के प्रयास का जिक्र करते हुए उत्तर प्रदेश में आम लोगों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाए।
गोंडा जाते समय बाराबंकी में रोका गया था काफिला
यह मामला उस घटनाक्रम के कुछ दिन बाद सामने आया है, जब चंद्रशेखर आजाद गोंडा में मारे गए व्यापारी विनोद कुमार साहनी के परिवार से मिलने जा रहे थे। 13 सितंबर को पुलिस ने बाराबंकी के शहाबपुर टोल प्लाजा के पास उनके काफिले को रोक दिया था। पुलिस के मुताबिक, उन्हें हिरासत में लेकर रामनगर के एक सर्किट हाउस ले जाया गया था।
इस दौरान उनके समर्थकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की तथा बहस की स्थिति बनी। कुछ रिपोर्टों में काफिले पर पथराव और वाहनों को नुकसान पहुंचने के आरोप भी सामने आए हैं।
विनोद साहनी हत्याकांड के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
गोंडा के व्यापारी विनोद कुमार साहनी की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने पीड़ित परिवार से मिलने और मामले में कार्रवाई की मांग की है। चंद्रशेखर आजाद भी परिवार से मिलने गोंडा जा रहे थे, लेकिन बाराबंकी में उनका काफिला रोक दिया गया।
अब चंद्रशेखर आजाद के ताजा हत्या की साजिश के दावे के बाद मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। उनके आरोपों की जांच और कथित साजिश के संबंध में आधिकारिक स्तर पर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर बनी हुई है।