MP Cabinet Decisions: यहां विस्तार से पढ़िए मोहन कैबिनेट बैठक के 7 बड़े फैसले, सिंचाई परियोजना के लिए 2600 करोड़ की राशि स्वीकृत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 15 सितंबर को मंत्रालय में अहम कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण और जनकल्याण को गति देने के लिए 42 हजार 490 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कई योजनाओं को 2030-31 तक जारी […]
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 15 सितंबर को मंत्रालय में अहम कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास, अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण और जनकल्याण को गति देने के लिए 42 हजार 490 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कई योजनाओं को 2030-31 तक जारी रखने पर भी मुहर लगाई गई.
कैबिनेट बैठक में मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति की 26 मई 2026 में हुई 64वीं बैठक में लिए गए निर्णयों से अवगत कराया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 अन्तर्गत योजना के हितग्राहियों को अगस्त 2026 की आर्थिक सहायता की राशि सहित रक्षा बंधन के अवसर पर राशि रुपये 250/- की अतिरिक्त विशेष आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने के संबंध में मुख्यमंत्री के 20 अगस्त 2026 को दिए गए आदेश एवं इसके परिपालन में विभाग द्वारा 24 अगस्त 2026 को जारी आदेश का अनुसमर्थन किया है।
यहां विस्तार से पढ़िए मोहन कैबिनेट बैठक के 7 बड़े फैसले
समग्र शिक्षा योजना की निरंतरता के लिए 36,006.22 करोड़ स्वीकृति
केन्द्र प्रवर्तित योजना समग्र शिक्षा के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 36,006.22 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। समग्र शिक्षा योजना अंतर्गत पूर्व प्राथमिक से कक्षा 12 तक अध्ययनरत 4 से 18 आयुवर्ग के समस्त श्रेणी के छात्र-छात्राओं की शिक्षा का प्रावधान है।
परिवहन विभाग की 11 योजनाओं की निरंतरता के लिए 1,166 करोड़ स्वीकृत
परिवहन विभाग के सुचारू संचालन, अधोसंरचना विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार को ध्यान में रखते हुए विभाग अंतर्गत संचालित राजस्व एवं पूंजीगत व्यय सम्बंधी 500 करोड़ रुपये से कम की योजनाओं की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए कुल 1,166 करोड़ 60 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
उद्यानिकी विभाग की 8 योजनाओं की निरंतरता के लिए 491 करोड़ स्वीकृत
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की आठ प्रमुख राज्य पोषित योजनाओं को आगामी पांच वर्षों 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए निरंतर संचालित करने के प्रस्ताव को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस अवधि के लिए कुल 491 करोड़ रुपये के वित्तीय आकार को मंजूरी दी गई है। यह निर्णय राज्य में किसानों की आय बढ़ाने, उद्यानिकी फसलों के रकबे व गुणवत्ता में सुधार करने और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
3 जिलों में जिला कार्यालय की स्थापना के लिए 21 नवीन पद स्वीकृत
नवगठित जिले मैहर, मऊगंज एवं पांदुर्णा में जिला कार्यालय (खनि शाखा) की स्थापना के लिए खनि अधिकारी एवं कर्मचारियों की आवश्यकता के दृष्टिगत कुल 21 पदों की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार प्रत्येक जिले में 07-07 नवीन पदों की स्वीकृति दी है। इसके अंतर्गत हर जिले में खनिज अधिकारी, सहायक ग्रेड 2, सहायक ग्रेड 3, सहायक मानचित्रकार, सर्वेयर, सिपाही, भृत्य का 1-1 पद शामिल है।
खाद्यान्न साख-सीमा ऋण की शेष राशि के लिए ब्याज मुक्त ऋण की स्वीकृति
मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ की रबी विपणन वर्ष 2024-25 के खाद्यान्न साख-सीमा ऋण की शेष राशि 2,220.62 करोड़ का 30 सितम्बर 2026 तक पुनर्भुगतान सुनिश्चित करने के लिये 2 हजार 2 20 करोड़ 62 लाख संघ को ब्याज मुक्त ऋण राशि उपलब्ध कराई जाएगी।ब्याज मुक्त ऋण का भुगतान वित्त विभाग द्वारा राज्य की नगद तरलता/राजकोषीय घाटे की सीमा को ध्यान में रखते हुए देने जाने तथा ऋण की अन्य शर्तें संघ (MARKFED) की वित्तीय स्थिति के दृष्टिगत वित्त विभाग की सहमति से जारी किया जाएगा।
अनूपपुर/शहडोल में उन्नयित 4 हाईस्कूल के लिए 36 नियमित पद स्वीकृत
अनूपपुर और शहडोल में माध्यमिक शाला से हाई स्कूल में उन्नयित एवं संचालित 04 विद्यालयों केल्हौरी, बाड़ीखार एवं भालूमाड़ा जिला अनूपपुर एवं नवलपुर जिला शहडोल के लिए प्राचार्य हाई स्कूल के 04, माध्यमिक शिक्षक के 24, प्राथमिक शिक्षक के 04 एवं सहायक ग्रेड 3 के 04 कुल 36 नियमित पदों की स्वीकृति दी है।
इन सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए करोड़ों की राशि स्वीकृत
- अशोकनगर जिले में स्थित चंदेरी माईक्रो सिंचाई परियोजना की वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक की निरंतरता के लिए 11 करोड़ 49 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। जल संसाधन विभाग अंतर्गत चंदेरी माईक्रो सिंचाई परियोजना का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली का निर्माण कर अशोकनगर जिले के 28 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना है।
- सिंगरौली जिले की गौंड वृहद सिंचाई परियोजना की वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक की निरंतरता के लिए 749 करोड़ 62 लाख की स्वीकृति दी है। जल संसाधन विभाग अंतर्गत गौंड वृहद सिंचाई परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से सिंगरौली जिले के 34 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।
- उज्जैन जिले के महिदपुर तहसील के पास क्षिप्रा नदी पर चितावद वृहद सिंचाई परियोजना की वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक की निरंतरता के लिए 1,846 करोड़ 5 लाख की स्वीकृति दी है।जल संसाधन विभाग अंतर्गत चितावद वृहद सिंचाई परियोजना का मुख्य उद्देश्य सिंचाई बांध का निर्माण कर संचित जल से 65 हजार हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है।
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— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) September 15, 2026
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