Iran-US War: जंग करीब? ईरानी सेना हाई अलर्ट पर… कमांडर जहांशाही ने दिया बड़ा संदेश, पढ़ें पूरी खबर
अमेरिका के ग्राउंड ट्रूप्स तैनात करने की खबरों के बीच ईरान में युद्ध की तैयारियां तेज हो गई हैं। कमांडर अली जहांशाही ने सीमा का दौरा कर जवानों का हौसला बढ़ाया और कहा कि ईरान का हर इंच सुरक्षित है। तनाव के बीच रूस का समर्थन और कड़े बयान हालात को और गंभीर बना रहे हैं।
New Delhi: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की सेना पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है। अमेरिका द्वारा ग्राउंड ट्रूप्स तैनात करने की खबरों के बीच ईरानी ग्राउंड फोर्सेज़ के कमांडर अमीर सरतीप अली जहानशाही ने सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया और जवानों से मुलाकात की।
कमांडर जहांशाही ने साफ कहा कि ईरान का एक-एक इंच सैनिकों की सतर्कता और तैयारी से सुरक्षित है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और किसी भी हालात से निपटने के लिए सेना पूरी तरह तैयार है। इस दौरे को अमेरिका के संभावित सैन्य कदमों के जवाब में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
अमेरिकी तैनाती की खबरों से बढ़ा तनाव
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी खतरनाक सैन्य टुकड़ियों को तैनात करने की तैयारी कर रहा है। इस बीच ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता में कोई प्रगति नहीं हो रही है, जिससे युद्ध का खतरा और गहरा गया है।
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ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाक़िर ग़ालिबफ़ ने भी जनता और सेना का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि देश एक ऐतिहासिक मोड़ पर है। उन्होंने कहा कि कोई भी ताकत ईरान को अल्टीमेटम नहीं दे सकती और देश इस संघर्ष में पूरी मजबूती से खड़ा है। हालात ऐसे हैं कि जंग कभी भी नया मोड़ ले सकती है।
रूस का समर्थन, अमेरिका पर गंभीर आरोप
तनाव के बीच ईरान को अंतरराष्ट्रीय समर्थन भी मिल रहा है। ईरान के नेता मसूद पेज़ेश्कियन ने रूस और राष्ट्रपति पुतिन का समर्थन मिलने पर आभार जताया है। उन्होंने कहा कि रूसी जनता का साथ ईरान के मनोबल को मजबूत कर रहा है।
वहीं, ईरान के वरिष्ठ नेता सैयद अब्बास अरागची ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिकी सैनिक जीसीसी देशों में अपने ठिकानों से भागकर छिप रहे हैं और नागरिकों को मानव ढाल बना रहे हैं।
इन बयानों के बीच साफ है कि दोनों देशों के बीच टकराव अब सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जमीनी स्तर पर भी हालात तेजी से बदल रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र और दुनिया को प्रभावित कर सकता है।