जीतू पटवारी ने सीएम डॉ. मोहन यादव को लिखा पत्र, MP में बच्चों के अपहरण के आंकड़ों पर जताई चिंता, श्वेत पत्र की मांग
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में बच्चों के अपहरण और गुमशुदगी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने सरकार से बच्चों की सुरक्षा को लेकर तत्काल प्रभावी कदम उठाने और इस विषय पर राज्य स्तरीय श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। कांग्रेस
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में बच्चों के अपहरण और गुमशुदगी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने सरकार से बच्चों की सुरक्षा को लेकर तत्काल प्रभावी कदम उठाने और इस विषय पर राज्य स्तरीय श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा किसी भी राज्य की कानून-व्यवस्था का सबसे संवेदनशील पैमाना होती है, लेकिन मध्यप्रदेश में इस संबंध में हालात लगातार चिंताजनक होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को पारदर्शिता के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना लागू करनी चाहिए।
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
जीतू पटवारी ने अपने पत्र में सरकार के सामने कई सुझाव रखे हैं। इनमें बच्चों के अपहरण और गुमशुदगी पर राज्य स्तरीय श्वेत पत्र जारी करना, प्रत्येक जिले में ऐसे मामलों की मासिक सार्वजनिक समीक्षा, लंबित मामलों के लिए विशेष जांच अभियान, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, रेलवे पुलिस और बाल संरक्षण संस्थाओं के बीच समन्वित तंत्र विकसित करना, मानव तस्करी और संगठित गिरोहों की जांच के लिए संयुक्त टास्क फोर्स का गठन तथा पिछले पांच वर्षों में सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का सार्वजनिक विवरण जारी करना शामिल है।
सरकार से कारगर कार्रवाई की मांग
जीतू पटवारी ने पत्र में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2024 में मध्यप्रदेश में बच्चों के अपहरण के 11,594 मामले दर्ज हुए, जो महाराष्ट्र के बाद देश में दूसरे सबसे अधिक हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 के 7,058 मामलों की तुलना में यह लगभग 64 प्रतिशत की वृद्धि है। उनके अनुसार, वर्ष 2024 में देशभर में दर्ज बच्चों के अपहरण के 75,108 मामलों में 15 प्रतिशत से अधिक मामले अकेले मध्यप्रदेश के हैं। वहीं, प्रदेश में 19,131 बच्चों के लापता होने के मामले दर्ज हुए, जिनमें 15,282 लड़कियां और 4,886 लड़के शामिल हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इन आंकड़ों का उद्देश्य भय का माहौल बनाना नहीं, बल्कि सरकार का ध्यान एक गंभीर सामाजिक और कानून-व्यवस्था से जुड़े संकट की ओर आकर्षित करना है। उन्होंने कहा कि यदि कोई राज्य लगातार ऐसे मामलों में देश के शीर्ष राज्यों में बना हुआ है, तो यह शासन, सामाजिक सुरक्षा, बाल संरक्षण और अपराध नियंत्रण तंत्र के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर त्वरित, पारदर्शी और जवाबदेह कार्रवाई करने की मांग की है।