सीएम ममता बनर्जी ने BJP पर बोला हमला, अवैध कोयला खदानों से फंडिंग का लगाया आरोप, चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को रानीगंज में एक रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए, जिसमें अवैध कोयला खदानों से धन लेने और तृणमूल कांग्रेस को चोर बताने जैसी बातें शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा ने
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को रानीगंज में एक रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए, जिसमें अवैध कोयला खदानों से धन लेने और तृणमूल कांग्रेस को चोर बताने जैसी बातें शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा ने उनकी सारी शक्तियां छीन ली हैं और लोगों को आगाह किया कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो वे बुलडोजर चलाकर सबको बेघर कर देंगे। उन्होंने बंगाल की जनता से एकजुट होकर टीएमसी का साथ देने की अपील की, ताकि यहीं से भाजपा का अंत हो सके।
बनर्जी ने अपनी रैली में साफ कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल को बर्बाद करने की कोशिश में लगी है, लेकिन इस कोशिश में वह खुद पूरे देश की सत्ता गंवा देगी। उनके इस बयान से साफ संकेत मिला कि उनका राजनीतिक लक्ष्य केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है। वे आने वाले समय में विपक्षी दलों को एकजुट कर दिल्ली में भी भाजपा को चुनौती देने की तैयारी में हैं, जिससे राष्ट्रीय राजनीति में टकराव और तेज होने की संभावना है।
अवैध कोयला खदानों से धन लेने का आरोप भाजपा पर एक बड़ा हमला है, खासकर ऐसे समय में जब भ्रष्टाचार का मुद्दा लगातार उठाया जा रहा है। ममता बनर्जी ने इस आरोप के साथ यह भी कहा कि भाजपा खुद तो गलत तरीकों से धन इकट्ठा करती है, लेकिन टीएमसी पर चोर होने का इल्जाम लगाती है। उन्होंने भाजपा की नीतियों और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए और कहा कि भाजपा जिस तरह से काम कर रही है, वह एक लक्ष्मण रेखा पार करने जैसा है, जिसके गंभीर परिणाम होंगे।
राम नवमी हिंसा पर बीजेपी को घेरा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज में राम नवमी शोभायात्रा के दौरान हुई झड़पों का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि इन झड़पों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। ममता ने कहा कि उन्हें दोष न दिया जाए, क्योंकि उनके सभी अधिकार छीन लिए गए हैं और सभी अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोगों को विशेष रूप से यहां भेजा गया है, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि जीत अंत में टीएमसी की ही होगी।
बनर्जी ने भाजपा को रघुनाथगंज में दंगे भड़काने पर शर्म करने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने अधिकारियों को जानबूझकर इसलिए भेजा है ताकि दंगे भड़काए जा सकें। रघुनाथगंज में दुकानों में तोड़फोड़ की गई और कई घरों को भी नुकसान पहुंचाया गया। ममता ने सीधा सवाल किया कि किसी के घर में तोड़फोड़ करने का अधिकार भाजपा को किसने दिया और रघुनाथगंज में दंगे भड़काने का अधिकार उन्हें किसने दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि इन सभी घटनाओं का हिसाब लिया जाएगा।
दिल्ली की सत्ता पर ममता की नजर
ममता बनर्जी ने अपनी रैली में एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में एक लक्ष्मण रेखा होती है, लेकिन भाजपा सारी हदें पार कर रही है। उनका मानना है कि भाजपा जिस तरह से पश्चिम बंगाल को बर्बाद करने की कोशिश कर रही है, उसकी कीमत उसे पूरे देश की सत्ता गंवाकर चुकानी पड़ेगी। बनर्जी ने जोर देकर कहा कि यह उनके साथ होकर रहेगा।
मुख्यमंत्री ने साफ संकेत दिया कि उनका लक्ष्य केवल बंगाल तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि वह विपक्षी दलों को एकजुट कर दिल्ली में भी भाजपा को सीधी चुनौती देंगी। यह बयान आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति में एक बड़े टकराव और तेज होते राजनीतिक ध्रुवीकरण का स्पष्ट संकेत है। ममता बनर्जी लगातार भाजपा विरोधी मोर्चे को मजबूत करने की कोशिश में जुटी हैं और उनकी यह रैली उसी दिशा में एक कदम है।
चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल
अपनी रैली के दौरान, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सभी धर्मों और जातियों के लोगों के साथ मिलकर त्योहार मनाने की बात की। उन्होंने कहा, “मेरे लोग भी रामनवमी, दुर्गा पूजा, काली पूजा, छठ पूजा, क्रिसमस और ईद मनाते हैं। हम सभी धर्मों और जातियों के लोगों के साथ मिलकर मनाते हैं, चाहे वे हिंदू हों, मुस्लिम हों, ईसाई हों, सिख हों या पारसी। हम सभी को सम्मान देते हैं।” इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग पर भी गंभीर सवाल उठाए।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान जानबूझकर नाम हटाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि यह काम भाजपा के इशारे पर किया जा रहा है, ताकि चुनावों में अपने पक्ष में माहौल बनाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि हर चीज की एक सीमा होती है, लेकिन भाजपा हर सीमा पार कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने इन आरोपों के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।