ग्वालियर बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब, सीएम डॉ. मोहन यादव आज दिल्ली में करेंगे एमओयू

ग्वालियर को देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में आज अहम कदम उठाया जाएगा। नई दिल्ली में मध्यप्रदेश सरकार और भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के बीच देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस पहल पर मुख्यमंत्री

Jul 30, 2026 - 10:30
ग्वालियर बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब, सीएम डॉ. मोहन यादव आज दिल्ली में करेंगे एमओयू

ग्वालियर को देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में आज अहम कदम उठाया जाएगा। नई दिल्ली में मध्यप्रदेश सरकार और भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के बीच देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

इस पहल पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दूरसंचार विनिर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल मध्यप्रदेश, विशेषकर ग्वालियर को देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।

ग्वालियर बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब

प्रस्तावित परियोजना के तहत एक विशेष प्रयोजन कंपनी (एसपीवी) का गठन किया जाएगा, जिसके माध्यम से टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन का विकास किया जाएगा। इस परियोजना में आने वाले वर्षों में 12 से 15 हजार करोड़ रुपए के निवेश की संभावना जताई गई है, जबकि लगभग 5 हजार प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। पहले चरण में 150 से 200 एकड़ क्षेत्र में करीब 5 हजार करोड़ रुपए के निवेश और लगभग 3,500 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

लगभग 350 एकड़ में विकसित होने वाला यह औद्योगिक क्लस्टर मोबाइल उपकरणों, सेमीकंडक्टर, 5जी-6जी तकनीक, अनुसंधान एवं विकास तथा दूरसंचार उपकरण निर्माण से जुड़े उद्योगों को एक ही परिसर में विकसित करने की योजना पर आधारित है। इसके पहले चरण के लिए केंद्र सरकार ने 493 करोड़ रुपए की सहायता स्वीकृत की है, जबकि राज्य सरकार ग्वालियर क्षेत्र में कुल 170 एकड़ भूमि उपलब्ध करा रही है।

यह परियोजना एमएसएमई, स्टार्टअप्स और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को बड़े उद्योगों के साथ जुड़ने का अवसर भी देगी। इसके अलावा निवेश आकर्षित करने के लिए पूंजी अनुदान, कौशल विकास सहायता, रियायती दर पर भूमि आवंटन और दीर्घकालिक लीज जैसी विशेष प्रोत्साहन सुविधाएं भी प्रस्तावित की गई हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

मध्यप्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों से राज्य को पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स और हाईटेक मेन्यूफेक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी क्रम में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के दौरान दूरसंचार एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया गया था। अब ग्वालियर में प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को उस रणनीति का बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि यहां अनुसंधान, कंपोनेंट निर्माण और अंतिम उत्पाद निर्माण की पूरी वैल्यू चेन विकसित हो जिससे मध्यप्रदेश देश के उभरते इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार विनिर्माण इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।