आज से गणपति उत्सव की शुरुआत, खजराना गणेश होंगे हीरे जड़ित नेत्रों से सुसज्जित, घर-घर गूंजेगा ‘गणपति बप्पा मोरया’

गणेश चतुर्थी पर सोमवार को घरों से लेकर मंदिरों और बड़े पंडालों तक गणपति स्थापना होगी। इंदौर के खजराना गणेश और बड़ा गणपति मंदिर में विशेष श्रृंगार, भोग और संगीतमय आरती की तैयारियां पूरी हैं। इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में भगवान को करीब 7 करोड़ रुपए के स्वर्ण आभूषण पहनाए जाएंगे। इससे पहले रविवार […]

Sep 14, 2026 - 09:30
आज से गणपति उत्सव की शुरुआत, खजराना गणेश होंगे हीरे जड़ित नेत्रों से सुसज्जित, घर-घर गूंजेगा ‘गणपति बप्पा मोरया’

गणेश चतुर्थी पर सोमवार को घरों से लेकर मंदिरों और बड़े पंडालों तक गणपति स्थापना होगी। इंदौर के खजराना गणेश और बड़ा गणपति मंदिर में विशेष श्रृंगार, भोग और संगीतमय आरती की तैयारियां पूरी हैं।

इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में भगवान को करीब 7 करोड़ रुपए के स्वर्ण आभूषण पहनाए जाएंगे। इससे पहले रविवार को ब्रह्ममुहूर्त में भगवान को हीरे जड़ित नेत्र धारण करा दिए गए। मंदिर को फूलों और रोशनी से सजाया गया है।

खजराना गणेश मंदिर में 10 दिन तक होगा विशेष श्रृंगार

इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में गणेशोत्सव के दौरान 10 दिनों तक भगवान गणेश का रोजाना आकर्षक श्रृंगार किया जाएगा। मुख्य पुजारी के मुताबिक, भगवान को करीब 7 करोड़ रुपए कीमत के स्वर्ण आभूषण धारण कराए जाएंगे। सोमवार सुबह मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ध्वज पूजन और महाआरती करेंगे। भगवान को सवा लाख मोदक का भोग भी लगाया जाएगा। सुबह पौन 8 से सवा 8 बजे के बीच आरती होगी।

125 साल पुराने बड़ा गणपति मंदिर में खास आयोजन

इंदौर के पश्चिम क्षेत्र में स्थित बड़ा गणपति मंदिर के गणेशोत्सव को इस साल 125 साल पूरे हो रहे हैं। यहां भगवान गणेश की 25 फीट ऊंची और 14 फीट चौड़ी प्रतिमा है। प्रतिमा 16 फीट लंबे और 4 फीट चौड़े चौकोर आसन पर विराजमान है, जिसकी ऊंचाई करीब 5 फीट है। मुख्य पुजारी के मुताबिक, सोमवार को सवा मन शुद्ध गाय के घी से घर पर बनाए गए लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। करीब 101 किलो लड्डुओं का भोग अलग-अलग आकार में अर्पित किया जाएगा।

रात 9 बजे होगी एक घंटे की संगीतमय आरती

बड़ा गणपति मंदिर में गणेशोत्सव के दौरान रोजाना रात 9 बजे एक घंटे की संगीतमय आरती होगी। भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग गेट रखे जाएंगे। श्रद्धालुओं को भगवान के सामने करीब 10 मिनट तक दर्शन का समय मिलेगा।