इंदौर ग्लोबल निवेश सम्मेलन 2026: 15 देशों के प्रतिनिधि जुटेंगे, निवेश का नया केंद्र बनेगा MP
मध्यप्रदेश सरकार राज्य को देश के प्रमुख निवेश और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में इंदौर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रहा है। भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियाई व्यापार एवं निवेश फोरम 2026 के जरिए प्रदेश को विदेशी निवेशकों
मध्यप्रदेश सरकार राज्य को देश के प्रमुख निवेश और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में इंदौर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रहा है। भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियाई व्यापार एवं निवेश फोरम 2026 के जरिए प्रदेश को विदेशी निवेशकों और वैश्विक कंपनियों के सामने अपनी संभावनाएं दिखाने का बड़ा अवसर मिलेगा।
राज्य सरकार का मानना है कि तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियों के कारण मध्यप्रदेश विदेशी निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के ऐसे आयोजन प्रदेश को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इंदौर बनेगा अंतरराष्ट्रीय निवेश और व्यापार का बड़ा मंच
मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) और ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम (GIBF) के संयुक्त सहयोग से आयोजित यह सम्मेलन इंदौर को वैश्विक व्यापारिक नक्शे पर और मजबूत करने का प्रयास है। कार्यक्रम में 350 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है, जिनमें विभिन्न देशों के राजदूत, व्यापारिक संगठन, निवेशक और उद्योग जगत के प्रमुख लोग शामिल रहेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान राज्य की औद्योगिक नीतियों, निवेशकों को मिलने वाली सुविधाओं और नए औद्योगिक क्षेत्रों की जानकारी साझा की जाएगी। सरकार का फोकस केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार सृजन और निर्यात बढ़ाने पर भी रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत होने से मध्यप्रदेश के उद्योगों को नए बाजार मिल सकते हैं। इससे प्रदेश के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ने की संभावना है, जिसका सीधा फायदा स्थानीय उद्योगों और उद्यमियों को मिलेगा।
निवेश, निर्यात और सेवा क्षेत्र में नए अवसर तलाशे जाएंगे
सम्मेलन के दौरान फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके अलावा आईटी, फिनटेक, पर्यटन और शिक्षा जैसे सेवा क्षेत्रों को भी विशेष महत्व दिया जाएगा।
फोरम में बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) और बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकें भी आयोजित होंगी। इन बैठकों के जरिए निवेशकों और सरकारी अधिकारियों के बीच सीधे संवाद का अवसर मिलेगा, जिससे नए निवेश प्रस्तावों को गति मिल सकती है।
आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश से लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों को करीब 3,835 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 19 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि बताती है कि प्रदेश के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं।
सरकार का लक्ष्य इंदौर को केवल मध्यप्रदेश का औद्योगिक केंद्र नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश गतिविधियों का प्रमुख हब बनाना है। ऐसे आयोजनों से प्रदेश की वैश्विक ब्रांडिंग मजबूत होगी और विदेशी निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। आने वाले वर्षों में यह पहल मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।