‘कश्मीर तो सिर्फ बहाना है, असली जलन भारत की तरक्की से है!’ अमेरिकी एक्सपर्ट ने बेनकाब किया पाकिस्तान का घिनौना चेहरा
कश्मीर मुद्दा सुलझ भी जाए तो भी भारत से दुश्मनी नहीं छोड़ेगा पाकिस्तान! अमेरिकी एक्सपर्ट डॉ. क्रिस्टीन फेयर ने खोला बड़ा राज—पाक सेना को भारत के बढ़ते आर्थिक व सैन्य कद से है जलन। पढ़ें दक्षिण एशिया के इस बड़े कूटनीतिक विश्लेषण पर रिपोर्ट।
New Delhi: दुनिया के सामने खुद को बेबस और पीड़ित दिखाने वाले पाकिस्तान का असली मुखौटा एक बार फिर उतर गया है। अमेरिका की जानी-मानी राजनीतिक वैज्ञानिक और दक्षिण एशिया मामलों की माहिर डॉ. सी. क्रिस्टीन फेयर ने एक बड़ा खुलासा किया है।
उनका कहना है कि दुनिया सोचती है कि भारत और पाकिस्तान के बीच असली फसाद की जड़ ‘कश्मीर’ है, लेकिन सच्चाई यह है कि अगर कल कश्मीर का मुद्दा शांति से सुलझ भी जाए, तब भी पाकिस्तानी सेना भारत के खिलाफ अपनी नफरत और छद्म युद्ध (आतंकवाद) बंद नहीं करेगी।
भारत को दुनिया की महाशक्ति बनने से रोकना ही मकसद
वाशिंगटन में एक कार्यक्रम के दौरान अपनी बेबाक राय रखते हुए प्रोफेसर फेयर ने बताया कि पाकिस्तान की पूरी विदेश और रक्षा नीति सिर्फ एक ही बिंदु पर टिकी है भारत के उभार को रोकना। आज जब पूरी दुनिया में भारत का आर्थिक, सैन्य और राजनीतिक कद तेजी से बढ़ रहा है, तो पाकिस्तानी जनरलों को अपनी जगह खिसकती महसूस हो रही है।
पाक सेना खुद को दक्षिण एशिया की ऐसी एकमात्र ताकत मानती है जो भारत को चुनौती दे सकती है, और इसी झूठे वहम में वह लगातार भारत को अस्थिर करने में जुटी रहती है।
1971 की करारी हार के बाद भी झूठा गुरूर
क्रिस्टीन फेयर, जिन्होंने ‘फाइटिंग टू द एंड: द पाकिस्तान आर्मीज वे ऑफ वॉर’ नाम की मशहूर किताब लिखी है, ने पाक सेना की मानसिकता पर बड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 1971 के युद्ध में पाकिस्तान ने अपना आधा मुल्क (बांग्लादेश) गंवा दिया था, लेकिन इसके बावजूद उनकी सेना अपने देश की जनता से झूठ बोलती है कि वे कभी भारत से जंग नहीं हारे। यह वैचारिक और झूठी श्रेष्ठता की लड़ाई ही है जो पाकिस्तान को तबाही के रास्ते पर ले जा रही है।
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वैचारिक दुश्मनी का शिकार है पाकिस्तानी हुकूमत
जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर फेयर के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना इस लड़ाई को महज एक कूटनीतिक विवाद नहीं, बल्कि एक ‘वैचारिक जंग’ की तरह देखती है। जब तक पाक सेना की यह सोच नहीं बदलेगी, तब तक वह आतंकवाद और छद्म युद्ध के जरिए भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करती रहेगी। हालांकि, उनका यह रवैया खुद पाकिस्तान के विनाश का कारण बन रहा है।