Nepal Flood Disaster: एक ही घर से मिले 24 शव, मौत का आंकड़ा 962 के पार; 4 हजार लोग अब भी लापता
नेपाल में बाढ़ और आपदा से मौत का आंकड़ा 962 तक पहुंच गया है। नुवाकोट में एक ही घर से 24 शव मिले हैं, जबकि करीब 4000 लोग लापता हैं। जानिए नेपाल आपदा, भारत में मिले शव और राहत-बचाव अभियान की पूरी जानकारी।
काठमांडू: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचा दी है। राहत और बचाव अभियान के बीच अब तक 962 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 4,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। आपदा की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नुवाकोट जिले के बेत्रावती इलाके में एक ही घर के मलबे से 24 शव बरामद किए गए हैं।
स्थानीय पुलिस और बचाव दल अभी भी मलबे में तलाश अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
26 अगस्त के हिमस्खलन के बाद शुरू हुई तबाही
नेपाल में यह विनाशकारी स्थिति 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आए भीषण हिमस्खलन के बाद पैदा हुई। इसके बाद उत्तरी और मध्य नेपाल के कई इलाकों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही मचा दी।
कई गांवों और कस्बों में घर बह गए, सड़कें टूट गईं और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। सेना, पुलिस और राहत दल लगातार बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
4 हजार लापता
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के मुताबिक, लापता करीब 4,000 लोगों में 99 सुरक्षाकर्मी और 591 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में मलबे को हटाकर लोगों की तलाश कर रही हैं। खराब मौसम और दुर्गम इलाकों के कारण राहत कार्यों में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं।
कुशीनगर में मिले 13 शव
बाढ़ का पानी इतना तेज था कि कई शव बहकर भारत की सीमा तक पहुंच गए हैं। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में गंडक नदी से अब तक 13 शव बरामद किए गए हैं।
इन शवों की पहचान और उन्हें नेपाल प्रशासन को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
अज्ञात शवों का DNA सैंपल सुरक्षित
अस्पतालों और मुर्दाघरों में जगह की कमी और संक्रमण फैलने के खतरे को देखते हुए नेपाल प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।
चितवन जिले के देवघाट क्षेत्र में सैकड़ों अज्ञात और लावारिस शवों के DNA सैंपल सुरक्षित रखे जा रहे हैं। इसके बाद प्रशासन ने शवों के सामूहिक दफन (Mass Burial) की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि स्वास्थ्य संकट को रोका जा सके।