पाकिस्तान की कायरता: कराची हमले के बाद अफगानिस्तान के इन 3 प्रांतों पर किया हवाई हमला; चश्मदीदों ने खोला Pak के दावों का झूठ
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के तीन प्रांतों पर आधी रात को भीषण एयरस्ट्राइक की। पाक सरकार ने आतंकियों को मारने का दावा किया, लेकिन जमीनी हकीकत में 35 से ज्यादा आम नागरिकों और मासूम बच्चों की मौत हो गई है और 100 से अधिक घायल हैं।
New Delhi: कराची में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के नाम पर पाकिस्तान ने रविवार और सोमवार की दरमियानी अफगानिस्तान की सीमा में घुसकर तीन प्रांतों पर भीषण एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तान सरकार का दावा है कि उसने प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और जमात-उल-अहरार के ठिकानों को तबाह किया है।
हालांकि, अफगानिस्तान से सामने आईं तस्वीरें पाकिस्तान के इन दावों की पोल खोल रही हैं। इस हवाई हमले में हर बार की तरह इस बार भी नागरिक ठिकानों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया है, जिसमें अब तक 35 से ज्यादा बेकसूर लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
रिहायशी इलाकों और मस्जिदों पर बरसे बम
भारतीय समयानुसार आधी रात को हुए इस हमले में पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत के गियान इलाके, पक्तिया प्रांत के चमकानी और कुनार प्रांत के मरवारा इलाके को निशाना बनाया। यहां बमबारी सीधे आम नागरिकों के घरों और एक स्थानीय मस्जिद पर की गई।
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इस बर्बरता की हद तब पार हो गई जब पहले हमले के ठीक 25 मिनट बाद, यानी रात 12:55 बजे, जब स्थानीय लोग मलबे में दबे पीड़ितों की मदद करने और उन्हें बाहर निकालने पहुंचे, तब कनाडाई सीमा के पास पाकिस्तानी एयरफोर्स ने दोबारा स्ट्राइक कर दी। इस दोहरे हमले के कारण ही घायलों और मृतकों की संख्या में इतना बड़ा उछाल आया है।
झूठे दावों के बीच अपनों को खोते बिलखते मासूम
अफगानिस्तान के अस्पतालों से आ रही तस्वीरें बेहद विचलित करने वाली हैं। मरने वालों और घायलों में 4 से 9 साल के मासूम बच्चे, बच्चियाँ और लाचार बुजुर्ग शामिल हैं। जहाँ एक तरफ पीड़ित परिवारों में चीख-पुकार मची है, वहीं पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार दुनिया की आँखों में धूल झोंकने के लिए दावा कर रहे हैं कि उनकी सेना ने 25 खूंखार आतंकियों को ढेर कर दिया है। अस्पताल में इलाज करा रहे चश्मदीदों और आम नागरिकों का कहना है कि हमले के वक्त वहाँ कोई भी सैन्यकर्मी या आतंकी मौजूद नहीं था; प्रभावित होने वाले सभी लोग स्थानीय और निहत्थे नागरिक थे।
बचाव कार्य में जुटी भीड़ पर कायरतापूर्ण हमला
दुबई में मजदूरी करने वाले और दो महीने पहले ही घर लौटे चमकानी के एक घायल चश्मदीद ने बताया कि एयरस्ट्राइक में उसके पड़ोसी बादशाह खान का घर पूरी तरह जमींदोज हो गया। जैसे ही पहला धमाका हुआ, गाँव के लोग इंसानी फर्ज निभाते हुए महिलाओं और बच्चों को मलबे से निकालने के लिए दौड़े। लेकिन पाकिस्तानी सेना ने कायरता दिखाते हुए बचाव कार्य में जुटी उसी बेकसूर भीड़ पर दूसरा हवाई हमला कर दिया, जिससे मौके पर ही एक दर्जन से अधिक मददगारों की जान चली गई।
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आतंकवाद के नाम पर 9 महीने में 565 नागरिकों की बलि
पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान खुद आतंकवाद का सबसे बड़ा पनाहगाह है, लेकिन वह अपने देश में होने वाले हर आतंकी हमले का ठीकरा अफगानिस्तान पर मढ़ देता है। पिछले साल सितंबर से पाकिस्तानी एयरफोर्स आतंक विरोधी अभियान के नाम पर लगातार अफगान सीमाओं में घुसपैठ कर रही है।
पिछले 9 महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पाकिस्तानी वायुसेना आतंकियों के कैंप उड़ाने के बजाय आम लोगों के घरों, स्कूलों और अस्पतालों को निशाना बनाकर अब तक 565 मासूम अफगान नागरिकों को मौत के घाट उतार चुकी है।