AI की लत या कोई गहरा सनक? अमेरिका में भारतीय मूल के छात्र ने रची अपनों की हत्या की साजिश, इंटरनेट हिस्ट्री से खुले खौफनाक राज
अमेरिका के मैसाचुसेट्स में भारतीय मूल के 17 वर्षीय अर्जुन ने अपनी मां और 14 वर्षीय भाई की बेरहमी से हत्या कर दी। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी वारदात से पहले ChatGPT और इंटरनेट पर परिवार के कत्ल की खौफनाक योजनाएं सर्च करता था।
Washington: अमेरिका के मैसाचुसेट्स में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक के दुरुपयोग और आपराधिक मानसिकता के खतरनाक मेल ने एक ही परिवार को तबाह कर दिया।
मैसाचुसेट्स के एक्टन शहर में रहने वाले भारतीय मूल के 17 वर्षीय नाबालिग अर्जुन अरविंद पर अपनी 43 वर्षीया मां सुधा वेंकटेशन और 14 वर्षीय छोटे भाई सिद्धार्थ की निर्मम हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। इस दोहरे हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू आरोपी की इंटरनेट और AI प्लेटफॉर्म की सर्च हिस्ट्री से सामने आया है।
ChatGPT पर करता था अपनों के कत्ल की प्लानिंग
जांच में जुटी मिडिलसेक्स काउंटी पुलिस और क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, अर्जुन पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से विचलित व्यवहार कर रहा था। उसकी डिजिटल डिवाइस की शुरुआती जांच में पाया गया कि वह लगातार ChatGPT और इंटरनेट सर्च इंजन पर अपने परिवार के सदस्यों की हत्या करने की काल्पनिक योजनाओं (Theoretical Murder Plans) और तरीकों के बारे में सर्च कर रहा था। वह एआई से कत्ल के खौफनाक तरीके समझ रहा था, जिसे आखिरकार उसने अंजाम दे दिया।
मां की कार लेकर फरार, पार्किंग लॉट में मिला आरोपी
यह दिल दहला देने वाली वारदात मार्था लेन स्थित उनके घर में हुई। अर्जुन के पिता ने जब अपनी पत्नी और बेटे से संपर्क न होने पर पुलिस को सूचित किया, तो मौके पर पहुंची पुलिस को सिद्धार्थ का शव पहली मंजिल पर और मां सुधा का शव बेसमेंट में मिला।
दोनों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। वारदात के बाद अर्जुन अपनी मां की कार लेकर फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने वेयलैंड की एक पार्किंग लॉट से घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया।
हत्या के पीछे के कारणों की जांच जारी
फिलहाल स्थानीय अदालत ने आरोपी अर्जुन अरविंद पर हत्या, घरेलू हमला, वाहन चोरी और बिना इजाजत गाड़ी चलाने समेत कई गंभीर धाराएं लगाई हैं। हालांकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अभी तक मौत के सटीक कारण और इस्तेमाल किए गए हथियार का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। जांच एजेंसियां अब यह समझने में जुटी हैं कि किस मानसिक तनाव या सनक में आकर आरोपी ने एआई का सहारा लेकर इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया।