इंदौर में बिजली कंपनी इंजीनियर पर लोकायुक्त का बड़ा एक्शन, आय से 258% ज्यादा संपत्ति का हुआ खुलासा, 9 ठिकानों पर की गई छापेमारी
मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी में पदस्थ सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (फाइनेंस) शिवराम सेमिल के खिलाफ मंगलवार सुबह लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की। दरअसल सुबह करीब 5:30 बजे अलग-अलग टीमों ने एक साथ 9 ठिकानों पर छापा मारा। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अधिकारी के पास उनकी घोषित आय की तुलना में काफी
मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी में पदस्थ सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (फाइनेंस) शिवराम सेमिल के खिलाफ मंगलवार सुबह लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की। दरअसल सुबह करीब 5:30 बजे अलग-अलग टीमों ने एक साथ 9 ठिकानों पर छापा मारा। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अधिकारी के पास उनकी घोषित आय की तुलना में काफी अधिक संपत्ति है। फिलहाल सभी दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और निवेश से जुड़े कागजात की जांच जारी है।
दरअसल लोकायुक्त की शुरुआती जांच के मुताबिक, शिवराम सेमिल ने पूरे सेवाकाल में करीब 2 करोड़ रुपये का शुद्ध वेतन प्राप्त किया। वहीं जांच में अब तक 6.50 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति और निवेश का पता चला है। खर्चों को जोड़ने पर कुल संपत्ति और निवेश का आंकड़ा करीब 7.16 करोड़ रुपये से अधिक पहुंचता है। इसी आधार पर जांच एजेंसी ने आय से 258 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने की बात कही है। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर भी दर्ज की गई है और आगे की जांच जारी है।
रिश्तेदारों के नाम पर निवेश की जांच
वहीं लोकायुक्त की कार्रवाई के दौरान कई औद्योगिक इकाइयों और कंपनियों की जानकारी सामने आई है। पीथमपुर स्थित शुभम इलेक्ट्रिकल नाम की ट्रांसफॉर्मर निर्माण फैक्ट्री बेटे शुभम सेमिल के नाम पर मिली। करीब 880 वर्गमीटर में फैली इस यूनिट की अनुमानित कीमत लगभग 1.25 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा कर्निश पावरजोन नाम की कंपनी बहू और अन्य परिजनों के नाम पर संचालित होने की जानकारी सामने आई है।
दामाद और बेटे के नाम पर तीन प्लॉट भी जांच के दायरे में
जांच में पता चला कि कंपनी के तहत दो औद्योगिक प्लॉट खरीदे गए, जहां पुरानी और नई फैक्ट्री के निर्माण में करीब 1 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। वहीं धार के उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र में एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स के नाम से दामाद और बेटे के नाम पर तीन प्लॉट भी जांच के दायरे में आए हैं, जिनमें लगभग 1.50 करोड़ रुपये का निवेश बताया गया है। इसके अलावा कृष्णा पावर और ए-वन इलेक्ट्रिकल नाम से संचालित अन्य इकाइयों और उनसे जुड़े निवेश की भी जांच की जा रही है।
आलीशान मकान, प्लॉट और लग्जरी गाड़ियां भी जांच के घेरे में
दरअसल छापेमारी के दौरान इंदौर की सिलिकॉन सिटी में स्थित सी-44 प्लॉट पर बना तीन मंजिला मकान भी मिला, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1.20 करोड़ रुपये बताई गई है। मुरैना के रविदास नगर में दो मंजिला मकान, जिसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है, वह भी जांच में शामिल है। इसके अलावा सिलिकॉन सिटी स्थित कॉर्पोरेट ऑफिस, एयरपोर्ट रोड और देवास नाका पर मौजूद दफ्तरों की भी जांच की जा रही है। ओमेक्स सिटी में बेटों के नाम पर प्लॉट और शुभम इलेक्ट्रिकल के नाम पर खरीदी गई करीब 15 लाख रुपये की महिंद्रा इलेक्ट्रिक कार भी रिकॉर्ड में शामिल की गई है।
लोकायुक्त पुलिस ने शिवराम सेमिल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 13(1)(B) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है। डीएसपी सुनील तालान, आनंद चौहान, दिनेश पटेल, दीपक शेजवार समेत कई अधिकारी दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश और संभावित बेनामी संपत्तियों की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व, निवेश के स्रोत और वित्तीय लेनदेन को लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।