भोपाल मेट्रो यात्रियों के लिए अच्छी खबर, ऑरेंज लाइन पर अब रोज लगेंगे 20 फेरे, दोनों ट्रैक पर दौड़ेगी ट्रेन

भोपाल के मेट्रो यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल इस हफ्ते से मेट्रो की सेवाओं में विस्तार होने जा रहा है। कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिग्नलिंग सिस्टम की ओर से मिले प्रमाणन के बाद अब प्रायोरिटी कॉरिडोर में दो ट्रैक पर मेट्रो का संचालन शुरू किया जाएगा। इसके बाद अब ऑरेंज

Jul 21, 2026 - 10:30
भोपाल मेट्रो यात्रियों के लिए अच्छी खबर, ऑरेंज लाइन पर अब रोज लगेंगे 20 फेरे, दोनों ट्रैक पर दौड़ेगी ट्रेन

भोपाल के मेट्रो यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल इस हफ्ते से मेट्रो की सेवाओं में विस्तार होने जा रहा है। कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल सिग्नलिंग सिस्टम की ओर से मिले प्रमाणन के बाद अब प्रायोरिटी कॉरिडोर में दो ट्रैक पर मेट्रो का संचालन शुरू किया जाएगा।

इसके बाद अब ऑरेंज लाइन के फेरे बढ़कर रोजाना 20 हो जाएंगे। यात्री पहले से काफी कम समय में अपना सफर पूरा कर सकेंगे। इस बारे में मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि कम समय में यात्रा पूरी होने से लोगों के बीच मेट्रो को लेकर विश्वसनीयता बढ़ेगी। रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि होने लगेगी।

मेट्रो के लगेंगे 20 फेरे

मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वार दी गई जानकारी के मुताबिक फिलहाल एम्स भोपाल से सुभाष नगर के बीच 7 किलोमीटर के हिस्से में एक ही ट्रेन चल रही है। सीबीटीसी सिस्टम लागू होने के बाद दोनों ट्रैक का उपयोग किया जाएगा। इससे यात्रियों। को सफ़र के लिए अधिक बार मेट्रो उपलब्ध हो सकेगी। भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर की बात करें तो यह 7 किलोमीटर लंबा है जिसमें आठ स्टेशन आते हैं। इस कॉरिडोर पर मेट्रो 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकती है। इसमें 144 यात्री बैठकर और 981 यात्रा खड़े होकर यात्रा कर सकते हैं।

क्या रहेगा समय

मेट्रो की समय सारणी में भी बदलाव देखने को मिलने वाला है। अभी ऑरेंज लाइन पर प्रतिदिन मेट्रो के 9 फेर संचालित हो रहे हैं जो बढ़कर 20 के जाएंगे। वहीं इसे वर्तमान समय से 2 घंटे पहले शुरू किया जाएगा। इससे व्यस्त समय में यात्रियों को राहत मिलेगी।

कहां पहुंचा सिग्नलिंग अपग्रेड का काम

बता दें कि भोपाल मेट्रो की 7 किलोमीटर लंबी ऑरेंज लाइन पर अप्रैल से सिग्नलिंग सिस्टम को अपग्रेड करने का काम चल रहा था। सुरक्षा कर्ण की वजह से सेवाएं सीमित रखी गई थी। अधिकारियों के मुताबिक ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम की स्थापना और परीक्षण सुरक्षित तरीके से पूरा करना जरूरी है।

Anand Sahay पत्रकारिता के क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है और ब्रेकिंग न्यूज़ तथा राष्ट्रीय खबरों को कवर करने में विशेष रुचि रखते हैं। महत्वपूर्ण घटनाओं का विश्लेषण कर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।