आबादी भूमि पर रहने वाले ग्रामीणों को मिलेगा जमीन का मालिकाना हक, स्वामित्व योजना के तहत निशुल्क होगा पंजीयन

वह किसान जो लंबे समय से आबादी भूमि पर रह रहे हैं उनके लिए सरकार ने सकारात्मक पहल की है। इन किसानों को अपनी जमीन का कानूनी मालिकाना हक मिलने का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश सरकार द्वारा स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि के दस्तावेजों का निशुल्क पंजीयन किया जाएगा। इंदौर जिले में

Jul 21, 2026 - 09:30
आबादी भूमि पर रहने वाले ग्रामीणों को मिलेगा जमीन का मालिकाना हक, स्वामित्व योजना के तहत निशुल्क होगा पंजीयन

वह किसान जो लंबे समय से आबादी भूमि पर रह रहे हैं उनके लिए सरकार ने सकारात्मक पहल की है। इन किसानों को अपनी जमीन का कानूनी मालिकाना हक मिलने का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश सरकार द्वारा स्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि के दस्तावेजों का निशुल्क पंजीयन किया जाएगा। इंदौर जिले में तकरीबन 134556 दस्तावेज का पंजीयन होगा। इसके लिए सरकार ने स्टांप ड्यूटी, पंजीयन शुल्क और पंचायत उपकर को माफ कर दिया है।

इंदौर जिले के 680 गांव में से 522 ऐसे हैं, जिन्हें इस योजना में शामिल किया गया है। अन्य गांव में या तो आबादी भूमि नहीं है या वहां वर्तमान में कोई रहता नहीं है। इस योजना के तहत शासकीय और प्राइवेट दोनों तरह की जमीन का पंजीयन किया जाएगा। बड़ी संख्या में रजिस्ट्री होनी है जिसे देखते हुए सरकार की तरफ से उप पंजीयकों के अलावा तहसीलदारों और नायब तहसीलदार को भी रजिस्ट्री करने के अधिकार दिया गया है।

कितने गांवों में पूरा हुआ काम

अभी तक जिले के 541 गांव में आबादी भूमि की सारी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। आठ गांव ऐसे हैं जहां काम चल रहा है। पांच गांव में आरओआर और तीन गांव में ग्राउंड ट्रूथिंग का काम होना बाकी है।

ड्रोन से हुआ सर्वे

इंदौर में आबादी वाले गांव और भूमि के नक्शे ड्रोन सर्वे के जरिए तैयार किए गए हैं। इसके बाद ग्राउंड ट्रूथिंग और रिकॉर्ड ऑफ राइट्स की प्रक्रिया हुई। पात्र हितग्राहियों तक स्वामित्व अभिलेख पहुंचाए जा चुके हैं और अब रजिस्ट्री का काम शुरू किया जाएगा।

मिलेगी ये सुविधा

इस योजना के जरिए आबादी भूमि पर रहने वाले लोगों को कई तरह के लाभ होने वाले हैं। सबसे पहले तो उनके पास अपनी संपत्ति का वैध दस्तावेज रहेगा। इसकी मदद से वह बैंक से आवश्यकता के मुताबिक लोन ले सकेंगे। मकान निर्माण हो या व्यवसाय विस्तार आर्थिक गतिविधियों के लिए उन्हें वित्तीय सहायता मिल जाएगी। उनकी जमीन कानूनी रूप से सुरक्षित होगी।