इंदौर में 17 दिन से छात्रों का धरना जारी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, 23 सूत्रीय मांगों को लेकर दिया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना

इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन लगातार 17वें दिन भी जारी रहा। दरअसल अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे छात्रों में से एक ने गुरुवार को एक दिन का अनशन किया। वहीं छात्र ने शिक्षा मंत्री को जगाने के उद्देश्य से ना तो खाना खाया और ना ही

Jul 17, 2026 - 20:30
इंदौर में 17 दिन से छात्रों का धरना जारी, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, 23 सूत्रीय मांगों को लेकर दिया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना

इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन लगातार 17वें दिन भी जारी रहा। दरअसल अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे छात्रों में से एक ने गुरुवार को एक दिन का अनशन किया। वहीं छात्र ने शिक्षा मंत्री को जगाने के उद्देश्य से ना तो खाना खाया और ना ही पानी पीया।

दरअसल पिछले सत्रह दिनों से छात्रों का एक समूह टंट्या भील चौराहे पर अपनी मांगों को मनवाने के लिए डटा हुआ है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातींउनका यह अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। छात्रों की 23 सूत्रीय मांगें हैं, जिनमें नीट पेपर लीक मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुख है।

छात्र सतीश कुमार ने दिन भर अन्न-जल ग्रहण नहीं किया

गुरुवार को इस प्रदर्शन में एक नया मोड़ आया जब छात्र सतीश कुमार ने एक दिन का अनशन करने का निर्णय लिया। छात्र सतीश कुमार ने दिन भर अन्न-जल का त्याग कर अपनी मांगों के प्रति दृढ़ संकल्प दिखाया। धरने पर बैठे छात्र अरुण बड़ोले ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सतीश कुमार ने देश के शिक्षा मंत्री का ध्यान आकर्षित करने और उन्हें छात्रों की समस्याओं के प्रति जगाने के लिए यह कदम उठाया है।

विशाल पैदल मार्च निकाला जा चुका है

वहीं छात्रों ने इन मांगों को लेकर व्यापक स्तर पर आंदोलन छेड़ा हुआ है। इससे पहले, 14 जुलाई को छात्रों ने टंट्या भील चौराहे से कलेक्टर ऑफिस तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला था। इस मार्च के बाद छात्रों ने कलेक्टर ऑफिस के सामने कई घंटों तक प्रदर्शन किया था। उस समय प्रशासन के साथ हुई बातचीत के बाद छात्रों की कुछ मांगों पर सहमति बन गई थी, और उन्हें पूरा करने का आश्वासन भी दिया गया था।

हालांकि, छात्रों की अभी भी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं, जिन्हें लेकर वे पिछले 17 दिनों से टंट्या भील चौराहे पर लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी बची हुई सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अपना प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे।

वहीं छात्र नेता अरुण बड़ोले ने अन्य छात्रों से अपील की है कि वे इस प्रदर्शन में ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर शामिल हों और अपनी एकजुटता दिखाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह धरना प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा। छात्रों के इस प्रदर्शन को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है और बड़ी संख्या में छात्र इसमें शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। इंदौर में अब छात्रों की यह आवाज बड़े स्तर पर गूंज रही है, और वे उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।